शिक्षा पर कविता | Poem on Education in Hindi

Poem on Education in Hindi: शिक्षा जीवन को सुंदर और सरल बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है. शिक्षा के बिना जीवन का क्या लाभ,  मनुष्य का जीवन भाव शून्य हो जाता है अगर उसके मस्तिष्क में शिक्षा का विकास ना हो. शिक्षा वह मित्र है जो किसी भी परिस्थिति में साथ नहीं छोड़ता है.

मनुष्य अगर शिक्षा को अपना परम मित्र बना लेता है, तो उसका जीवन आनंदमय एवं कल्पनाओं से भरा होता है. शिक्षा के विकास में भावनाओं का महत्व सबसे अधिक होता है. क्योंकि, जहां प्रेम, संस्कार एवं कल्पना होता है वहीं शिक्षा का स्तर भी होता है. शिक्षा पर कविता यानि शिक्षा के महत्व पर कविता के माध्यम से एक प्रेरणा प्राप्त होता है.

वह शिक्षा ही है जिसे धन से प्राप्त नहीं किया जा सकता है इसके लिए कठिन श्रम एवं लगन की सर्वाधिक आवश्यकता होती है.  भारतवर्ष में ऐसे बहुत विद्वान हुए हैं जो शिक्षा पर अपना विचार, कविता,  सुविचार, संगीत आदि के माध्यम से प्रस्तुत किए हैं .

ऐसे ही शिक्षा पर विशेष कविता आपके सामने उपलब्ध है, जो शिक्षा के महत्व को कविताओं के माध्यम से बताया गया है. उम्मीद है आपको यह पसंद आएगा.

शिक्षा पर हिंदी कविता | Famous Poem on Education in Hindi

अधकार को दूर कर जो प्रकाश फैला दे।
बुझी हुई आश मे विश्वास जो जगा दे।।

जब लगे नामुमकिन कोई भी चीज।
उसे मुमकिन बनाने की राह जो दिखा दे वो है शिक्षा।।

हो जो कोई असभ्य, उसे सभ्यता का पाठ पढ़ा दे।
अज्ञानी के मन में, जो ज्ञान का दीप जला दे।।

हर दर्द की दवा जो बता दे.. वो है शिक्षा।
वस्तु की सही उपयोगिता जो समझाए।।

दुर्गम मार्ग को सरल जो बनाए।
चकाचौंध और वास्तविकता में अन्तर जो दिखाए।।

जो ना होगा शिक्षित समाज हमारा।
मुश्किल हो जाएगा सबका गुजारा।।

इसानियत और पशुता के बीच का अन्तर है शिक्षा।
शाति, सुकून और खुशियों का जन्तर है शिक्षा।।

भेदभाव, छुआछुत और अधविश्वास दुर भगाने का मन्तर है शिक्षा।
जहाँ भी जली शिक्षा की चिंगारी, नकारात्मकता वहा से हारी।।

जिस समाज में हों शिक्षित सभी नर-नारी।
सफलता-समृद्धि खुद बने उनके पुजारी।।

इसलिए आओ शिक्षा का महत्व समझे हम।
आओ पूरे मानव समाज को शिक्षित करें हम।।

Author – Jyoti Singh Dev

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शिक्षा के महत्व पर कविता

Best Poem on Education in Hindi

बहुत जरूरी होती शिक्षा, सारे अवगुण धोती शिक्षा ।
चाहे जितना पढ़ ले हम पर, कभी न पूरी होती शिक्षा ।।

शिक्षा पाकर ही बनते है, नेता, अफसर, शिक्षक ।
वैज्ञानिक, मंत्री, व्यापारी, और साधारण रक्षक ।।

कर्तव्यों का बोध कराती, अधिकारों का ज्ञान ।
शिक्षा से ही मिल सकता है, सर्वोपरि सम्मान ।।

बुद्धिहीन को बुद्धि देती, अज्ञानी को ज्ञान ।
शिक्षा से ही बन सकता है, भारत देश महान ।।

Author – डॉ० परशुराम शुक्ल

मैं भी पढ़ने जाऊंगा – राजेश कुमार अर्जुन

माँ मुझको किताब मंगा दो, मैं भी पढ़ने जाऊंगा।
सीख सीख कर सारी बातें, तुमको भी बतलाऊंगा।
माँ मुझको किताब मंगा दो, मैं भी पढ़ने जाऊंगा।

पांच जन्मदिन बीत गए हैं, अब स्कूल जाना है।
पढ़ लिखकर बनूँगा अफसर, ऐसा मैंने ठाना है।।

बैठके ऊंची कुर्सी पर, मैं भी हुकुम चलाऊंगा।
माँ मुझको किताब मंगा दो, मैं भी पढ़ने जाऊंगा।।

गणवेश का कपडा लाना, अच्छे दर्जी से सिलवाना।
जूते मोज़े और स्वेटर, अपने हाथों से पहनाना।।

पहनकर कोट सबसे ऊपर, मैं भी टाई लगाऊंगा।
माँ मुझको किताब मंगा दो, मैं भी पढ़ने जाऊंगा।।

बस्ता लाओ अच्छा सुंदर, छपा हो जिसपे भालू बंदर।
रबर पेन्सिल और किताबें, मम्मी रखना उसके अंदर।।

जेब में रखकर दस का नोट, मैं भी चिज्जी खाऊंगा।
माँ मुझको किताब मंगा दो, मैं भी पढ़ने जाऊंगा।।

पढ़ लिखकर हम बने महान, पूरा हो सर्व शिक्षा अभियान।
माता पिता और गुरुजन का, बढ़ जाये देश का मान।।

पढ़े भारत बढे भारत, मैं ये बीड़ा उठाऊंगा।
माँ मुझको किताब मंगा दो, मैं भी पढ़ने जाऊंगा।।

Author – राजेश कुमार अर्जुन

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ऐसी कोई करें पढ़ाई – दीनदयाल शर्मा

आधुनिक शिक्षा पर कविता:

ऐसी कोई करें पढ़ाई,, जिससे कोई ना जी चुराए ।
नई-नई हों बातें उसमें, सारी बातें मन को भाएँ ।।

बोझ हमें क्यों लगे पढ़ाई, मन कभी भी टिक ना पाए।
कितना कुछ भी याद करें हम, फुर्र से गायब हो जाए ।।

दे कोई ऐसा ज्ञान हमें भी, मन की गाँठें खुलती जाएँ।
जिज्ञासा हो शान्त सभी की, भीतर का तम मिटता जाए ।।

मिलकर ऐसी करें पढ़ाई, सबका मन ललचाता जाए ।
फिर कुछ करेंगे जग की खातिर, सबका घर रोशन हो जाए ।।

Author – दीनदयाल शर्मा

शिक्षा एक अनमोल रत्न है – shiksha par kavita

शिक्षा एक अनमोल रत्न है,गली-गली लगाओ नारा ।
एक साथ सब मिल–झुलकर,बोलो शिक्षा का जयकारा ।।

शिक्षा ही महान बनाती, शिक्षा ही जीना सिखाती ।
बिन शिक्षा पशु है मानव फैला दो ये बात जग सारा ।।

गली-गली लगाओ नारा, शिक्षा से मिटता अंधियारा ।
शिक्षा जैसा दान नही, शिक्षा से बडा कोई काम नही ।।

शिक्षा से ही जमीर जागता, शिक्षा से ही अज्ञान भागता ।
जब शिक्षित होगा नर-नारी, तभी मिटेगी दिक्कत सारी ।।

शिक्षा से ही तन मन खिलता,फैला दो ये बात जग सारा ।
गली-गली लगाओ नारा, शिक्षा से मिटता अंधियारा ।।

शिक्षा से लोभ, लालच मिटे तृष्णा, शिक्षा से ही मिले कृष्णा ।
शिक्षा से संस्कार मिले, शिक्षा से शिष्टाचार मिले ।।

शिक्षा से ही दौलत आती, शिक्षा ही मुकाम दिलाती ।
शिक्षित व्यक्ति भूखा नही रहता, फैला दो ये बात जग सारा ।।

गली-गली लगाओ नारा, शिक्षा से मिटता अंधियारा ।
शिक्षा में असली जान है, शिक्षा गीता का ज्ञान है ।।

शिक्षा में छुपे प्रकृति के राज,जिसे कहते हम विज्ञान है ।
शिक्षा से ही राज मिले, शिक्षा से ही ताज खुले ।।

शिक्षा ही इतिहास पलटती, फैला दो ये बात जग सारा ।
गली-गली लगाओ नारा, शिक्षा से मिटता अंधियारा ।।

जब पढोगे, तभी बढोगे, बनोगे एक दूजे का सहारा ।
विकास के पथ पर चलना है तो, खत्म करो नफरत का अंगारा ।।

शिक्षा ही बाईबल का कोना, शिक्षा ही मक्का मदीना ।
शिक्षा ही वेदों का सार, शिक्षा ही रब का दरबार ।।

शिक्षित ही अधिकार मांगता, फैला दो ये बात जग सारा ।
गली-गली लगाओ नारा, शिक्षा से मिटता अंधियारा ।।

शिक्षा ही स्वरूप बनाती, शिक्षा ही राह दिखाती ।
शिक्षा दीपक की वो लौ है,जो राज खोलती तिलिस्म का सारा ।।

लिख फलसफा तकदीर का, बहा देती अमृत की धारा ।
शिक्षा रही है हिन्द की धरोहर, शिक्षा पवित्र जैसे मानसरोवर ।।

फिर शिक्षा में क्यों पिछडे हम, फैला दो ये बात जग सारा ।
गली-गली लगाओ नारा, शिक्षा से मिटता अंधियारा ।।

शिक्षा पर कविताएं की निष्कर्ष

पढ़ाई जीवन का सार है जिसके बिना उच्च जीवन जीना संभव नही है. इसलिए, यहाँ, Poem on Education in Hindi के माध्यम से शिक्षा के महत्व को उजागर करना है. ताकि शिक्षा जीवन के एक महत्वपूर्ण भाग रूप में हमारे साथ स्थिर रहे. उम्मीद है आपको शिक्षा पर कविता लिखी हुई पसंद आयी होगी.

6 thoughts on “शिक्षा पर कविता | Poem on Education in Hindi”

  1. मुझे आज ही
    अशिक्षा से मुक्ति
    विषय पर कविता की आवश्यकता है। कृपया मेरी सहायता करें।
    धन्यवाद

    Reply

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