शंकु का आयतन का फार्मूला: Sanku ka Ayatan

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शंकु की मात्रा शंकु की क्षमता को परिभाषित करती है, शंकु एक त्रि-आयामी ज्यामितीय आकृति है जिसमे एक गोलाकार आधार होता है जो एक सपाट आधार से एक बिंदु तक शीर्ष कहलाता है. शंकु के आधार और शीर्ष के बिच की दुरी को शंकु की ऊंचाई कहा जाता है. Sanku ka Ayatan आधार से परिभाषित किया जाता है.

क्लास 10th में शंकु का आयतन एवं शंकु से संबंधिति अन्य फार्मूला का योगदान अधिक होता है जिससे प्रत्येक वर्ष 20 % से अधिक प्रश्न एग्जाम में पूछे जाते है. रिसर्च के अनुसार कुछ ऐसे फार्मूला है जिनका प्रयोग लगभग हर समय होता है. इसलिए यहाँ उन सभी फार्मूला को उपलब्ध कराया गया है.

शंकु की परिभाषा

परिभाषा: शंकु, एक त्रिविमीय आकृति है, जो शीर्ष बिन्दु एवं आधार को मिलाने वाली रेखाओं द्वारा निर्मित होती है. या एक समकोण त्रिभुज को समकोण बनाने वाली किसी भुजा के अनुदिश घुमाने से बनी ठोस आकृति लम्बवृतीय शंकु कहलाती है.

दुसरें शब्दों में, शंकु रेखा खंडों या रेखाओं द्वारा निर्मित वह आकृति है जो एक निश्चित बिन्दु शीर्ष को एक समतलीय आधार के सभी बिन्दुओं को जोड़ने पर बनती हैं, वह शंकु कहलाती है. शंकु के चार भाग होते है. जैसे, शीर्ष, वृताकार आधार, शंकु की ऊँचाई, एवं तिर्यक ऊँचाई.

बेलन का आयतनघन का आयतन
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घनाभ का आयतननिर्देशांक ज्यामिति फार्मूला एवं परिभाषा

शंकु का आयतन का सूत्र

मुख्य रूप से, शंकु एक प्रकार का गोलाकार पिरामिड है जोआधार के केंद्र के ऊपर अपने शीर्ष के साथ स्थिर होता है. इस स्थिति में Sanku ka Ayatan ज्ञात करने के लिए आधार की त्रिज्या और ऊँचाई ज्ञात होना अनिवार्य है. यदि ये दोनों ज्ञात हो तो निम्न फार्मूला का प्रयोग कर आयतन निकाल सकते है.

शंकु का आयतन = 1/3 πr2h घन इकाई

लम्बवृतीय शंकु की तिर्यक ऊँचाई = √ ( h2 + r2 )

शंकु की ऊँचाई = √ (l2 – r2 )

शंकु की आधार की त्रिज्या = √ (l2 – h2 )

जहाँ h = ऊँचाई, l = तिर्यक ऊँचाई और r = आधार की त्रिज्या है.

शंकु के आयतन सम्बंधित फार्मूला | Sanku ka Aayatan Formula

1. समान आधार एवं समान ऊँचाई के लम्बवृतीय बेलन और लम्बवृतीय शंकु का आयतन 1 : 3 होता है.

2. लम्बवृतीय शंकु की त्रिज्या m गुनी कर दी जाए और ऊँचाई अपरिवर्तित रहे, तो

  • वक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल m गुनी तथा
  • आयतन m2 गुनी हो जाती है.

3. शंकु की त्रिज्या अपरिवर्तित रहे और ऊँचाई m गुनी हो जाए, तो आयतन भी m गुनी हो जाती है.

शंकु के आयतन सम्बंधित उदाहरण

1. यदि किसी शंकु की त्रिज्या 14 cm और तिर्यक ऊँचाई 10 cm हो, तो शंकु का आयतन निकालें? (जहाँ π = 22 / 7)

Solution: दिया है, त्रिज्या = 14 cm और तिर्यक ऊँचाई = 10 cm

फार्मूला से, शंकु का आयतन = 1/3 πr2h

=> आयतन = 1/3 × 22/7 × 14 × 14 × 10

= 1/3 × 22 × 2 ×14 × 10

अर्थात, शंकु का आयतन = 2053.33 cm3

2. किसी शंकु की आधार का व्यास 12 cm और ऊँचाई 7 cm है, तो शंकु का आयतन ज्ञात करे. (जहाँ π = 22 / 7)

Solution: दिया है, व्यास = 12 cm, इसलिए त्रिज्या = 3 cm

और ऊँचाई = 7 cm

इसलिए, शंकु का आयतन = 1/3 πr2h

=> आयतन = 1/3 × 22/7 × 6 × 6 × 7

= 22 × 2 × 6

अर्थात, आयतन = 264 cm3

Note:- शंकु की अक्ष, एक सीधी रेखा में होती है, जो शीर्ष से होकर गुज़रती है, जिसके कारण शंकु का आधार, वृत्ताकार आधार से समरूप होती है. नियम के अनुसार लम्बवृतीय शंकु समान आधार एवं समान ऊँचाई के बेलन के 1/3 भाग के बराबर होता है. इसका प्रयोग Sanku ka Ayatan निकालने मूल्यतः किया जाता है.

पूछे जाने वाले प्रश्न: FAQs

Q. शंकु के आयतन का सूत्र क्या होता है?

शंकु के आयतन का सूत्र V=1/3hπr² होता है, जहाँ h और r शंकु के ऊंचाई और त्रिज्या है.

Q. शंकु के छिन्नक का आयतन का सूत्र क्या होता है?

शंकु के छिन्नक का आयतन 1/3 πr (R2 + r2 + Rr) होता है, जहाँ R छिन्नक की बड़ी त्रिज्या तथा r छोटी त्रिज्या है.

Q. शंकु का आयतन ज्ञात करने का सूत्र क्या है

शंकु का आयतन ज्ञात करने का सूत्र V = 1/3hπr² है. जहाँ, r त्रिज्या है और h शंकु की ऊंचाई है.

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