क्रिया की परिभाषा, भेद, और उदाहरण | Kriya ke Bhed

Kriya Hindi Grammar

हिंदी व्याकरण में क्रिया एक महत्वपूर्ण और ज़रूरी विकारी शब्द है. क्रिया के अंतर्गत वाक्य में कुछ घटित होने का संकेत प्राप्त होता है. Kriya शब्द का शाब्दिक अर्थ कुछ करना अर्थात काम होता है. क्योंकि, किसी भी वाक्य में कर्ता द्वारा किया जाने वाला कार्य ही क्रिया होती है. व्याकरण में क्रिया द्वारा ही … Read more

कारक: परिभाषा, चिन्ह, भेद, उदाहरण | Karak in Hindi Grammar

Karak in Hindi Grammar

हिंदी ग्रामर में कारक का सम्बन्ध संज्ञा या सर्वनाम से होता है. अर्थात एक कार्य दुसरे से सम्बंधित होता है. बिना Karak के किसी अन्य शब्द से सम्बन्ध व्यक्त करना संभव नही है. इसलिए, हिंदी का अध्ययन विस्तार से करने के लिए “Karak के बारे में पढ़ना” आवश्यक है. वाक्यों में कारक का शाब्दिक अर्थ … Read more

लिंग की परिभाषा, अर्थ, पहचान, भेद, नियम और उदाहरण | Ling in Hindi Grammar

Ling in Hindi Grammar

हिंदी व्याकरण में लिंक का महत्व संज्ञा के विभिन्न रूपों का सही तरीका से इस्तेमाल करना है ताकि वाक्य से सही अर्थ व्यक्त किया जा सके. दरअसल, Ling का तात्पर्य हिंदी भाषा के ऐसे प्रावधानों से है जो वाक्य के कर्ता के स्त्री, पुरुष, निर्जीव के अनुसार बदल जाते हैं। विश्व की लगभग एक चौथाई … Read more

संज्ञा: परिभाषा, भेद और उदाहरण – Sangya in Hindi

Sangya or Bhed

किसी भी हिंदी वाक्य को पूरा करने यानि सही अर्थ प्रदान करने के लिए संज्ञा या सर्वनाम का प्रयोग आवश्यक होता है. क्योंकि, ये वाक्य के मुख्य भाग होते है जिससे क्रियाएँ संपन्न होती है. वाक्य के माध्यम से अपना नाम, मानवीय अनुभव, आदि व्यक्त करने के लिए Sangya का प्रयोग मुख्य रूप से किया … Read more

प्रत्यय की परिभाषा, भेद और उदाहरण: Pratyay in Hindi Grammar

Pratyay in Hindi Grammar

हिंदी व्याकरण के सबसे महतवपूर्ण भाग प्रत्यय है. क्योंकि, इसे शब्दांश के अंत में जोड़कर शब्द बनाया जाता हैं. अर्थात, प्रत्यय शब्दों के अंत में जुड़कर अपने अनुसार शब्दों के अर्थ में परिवर्तन करते है. इसलिए, ग्रामर में इस टॉपिक का अध्ययन महतवपूर्ण माना गया है. इससे प्रतियोगिता एवं अकादमिक एग्जाम में प्रश्न भी पूछा … Read more

अव्यय की परिभाषा, भेद, उदाहरण | Avyay in Hindi

Avyay in Hindi

हिंदी व्याकरण में अव्यय का महत्व सबसे अधिक इसलिए है कि इसका रूप में कोई परिवर्तन नही होता है. अर्थात, लिंग, वचन, पुरुष, कारक आदि का रूप सदैव एक ही बना रहता है. इसलिए, इसे अविकारी पद भी कहते हैं. Avyay हिंदी व्याकरण का मुख्य भाग है जिससे वैसे शब्दों का अध्ययन करते है जो … Read more

विशेषण: परिभाषा, भेद, नियम और उदाहरण | Visheshan ke Bhed

Visheshan ke Bhed

हिंदी व्याकरण में विशेषण का महत्व सबसे प्रमुख माना गया है. क्योंकि, यह संज्ञा और सर्वनाम का विशेषता व्यक्त करने का कार्य करता है. संज्ञा और सर्वनाम की व्यख्या बिना Visheshan के करना संभव नही है. इसलिए, देश के विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में विशेषण सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते है. व्याकरण के इस भाग यानि विशेषण … Read more

वाच्य (Voice): परिभाषा, भेद, नियम और उदाहरण – Vachya in Hindi

Vachya in Hindi Grammar

हिंदी वाक्य, क्रियाओं के संयोग और परिवर्तन से बनते है जिसमे कई क्रिया कर्म या भाव के अनुसार अपना रूप बदलता है. इन्ही नियम को यहाँ “वाच्य” के माध्यम से अध्ययन करेंगे जो प्रतियोगिता और अकादमिक एग्जाम के लिए आवश्यक होता है. Vachya दरअसल क्रिया के उस परिवर्तन के रूप को कहते हैं, जिसके वाक्य … Read more

काल हिंदी व्याकरण: परिभाषा, भेद और उदाहरण | Kaal in Hindi Grammar

Kaal in Hindi Grammar

हिंदी भाषा का सबसे महतवपूर्ण टॉपिक “काल” है. क्योंकि, इससे अकादमिक और विभिन्न प्रतियोगिता एग्जाम में प्रश्न पूछा जाता है. इसके साथ व्यक्तिगत जीवन में भी इसका प्रयोग वाक्यों को शुद्ध करने के लिए किया जाता है. Kaal in Hindi Grammar में वाक्य को जोङने के लिए सहायक क्रिया के साथ संशोधित किया जाता है, … Read more

सर्वनाम के भेद, परिभाषा और उदाहरण | Sarvanam ke Bhed

Sarvanam

हिंदी व्याकरण में सर्वनाम का अध्ययन भाषा को बारीकी से पहचानने का समझ प्रदान करता है कि कैसे संज्ञा के बदले सर्वनाम का प्रयोग सरलता से किया जाएँ. Sarvanam का अध्ययन, संज्ञा का वाक्य में बार-बार प्रयोग करने से रोकता है. क्योंकि, संज्ञा का प्रयोग किसी भी वाक्य में ज्यादा बार करना उचित नही माना … Read more