प्रभावशाली पढ़ाई का टिप्स | Study Tips in Hindi

Study Tips in Hindi
Spread the love

प्रत्येक छात्र का सपना होता है कि वो पढ़ाई करके अपने भविष्य को सुरक्षित करे. इसलिए आज मैं आपके लिए स्टडी टिप्स के बारे में और पढ़ाई में मन कैसे लगाए आदि की जानकारी देने वाला हूँ जो स्टडी के लिए बहुत सुरक्षित है. 

यदि आप एक College Student है या फिर स्कूल के छात्र, ये टिप्स और नुस्खे आपको स्टडी में अच्छे मार्क्स लेने में मदद करेगा और यदि आप पेरेंट्स है तो अपने बच्चों को स्टडी की महत्व समझने में यह पोस्ट मदद करेगा। 

स्टडी टिप्स और आपका पढ़ाई में मन लगाने के नुस्खे

  1. पढ़ाई को पढ़ाई समझे
  2. एग्जाम में अपने माइंड से लिखे
  3. पढाई को हद से ज्यादा सीरियस न ले
  4. दोस्तों के साथ टाइम स्पेंड करे
  5. रट्टे लगाना छोड़ दे
  6. हमेशा टाइम टेबल का प्रयोग करे
  7. सुबह जल्दी उठकर स्टडी करे
  8. एग्जाम के टाइम नेगेटिव विचार दूर रहे
  9. ऑनलाइन नॉलेज का इस्तेमाल करे 
  10. घर की टेंशन से दूर रहें

यह, पढाई में मन लगाने के नुस्खे हैं जिससे आप अपनी लाइफ में किसी भी स्टडी को बड़े आराम से कर पाएंगे.

पेरेंट्स अपने बच्चों की स्टडी को लेकर कौन से तरीके उठाने चाहिए उसके बारे में हम लास्ट में बात करेंगे. लेकिन उससे पहले हम इस 10 स्टेप्स को डिसकस कर लेते हैं. 

विद्यार्थी के लिए स्टडी टिप्स

पढाई को पढाई समझे

जी हाँ, पढाई कोई मैजिक नहीं है जिसको आप अपने माइंड से ऊपर समझे, लेकिन स्टडी वो चीज़ है जिसको करके आप अपनी लाइफ को एक नई दिशा प्रदान अवश्य कर सकते हैं. शायद इसलिए इंडिया में पढ़ाई को माँ समझा जाता है.

लेकिन ज्यादातर स्टूडेंट्स पढाई को अपना दुसमन समझने लग जाते हैं जिसके बहुत सारे कारण हो सकते हैं. जिसे समझना बहुत महत्वपूर्ण है. 

  • पढाई के लिए बच्चों को मारना
  • हर समय स्टडी करने को फाॅर्स करना
  • बच्चो को स्टडी पर ताने देना

और भी बहुत सारे कारण हैं जिनकी वजह से स्टूडेंट्स स्टडी को एक साइलेंट दुसमन मान लेते हैं और इन्ही  कारणों की वजह से बच्चे पढ़ाई से दूर जाने लगते हैं.

स्टडी को हमेशा नार्मल तरीके से पढ़े, उसके लिए आपको कुछ भी अलग करने की जरूरत नही है.

एग्जाम में अपने दिमाग से लिखे 

क्या आपको पता है किताबें जो आप पढ़ते हैं उनको भी किसी इंसान ने लिखा ही होता है. तो आप फिर ये क्यों मान लेते हैं कि बुक्स में जो लिखा है वही सही है? 

ये हमारे लिए एक दुर्भाग्य की बात है कि हमारे टीचर्स बुक्स का लिखा सही समझते हैं और वो स्टूडेंट बुक्स का लिखा हुआ एग्जाम में लिखकर आते हैं सिर्फ उनको ज्यादा मार्क्स देते हैं.

लेकिन वो ये शायद भूल जाते हैं कि इंसान का दिमाग किताबों से कही ज्यादा है और जो चीज़ इंसान ढूंढ़ता हैं उसी को फिर बुक्स में लिखता है. 

इसलिए कोशीश करे की एक्साम्स में कुछ अपना सोचा हुआ लिखे अपने माइंड का उपयोग करे जिससे आपके माइंड को एनर्जी और सोचने की हिम्मत मिलेगी.

मैं यह नहीं कह रहा की बुक्स की कोई वैल्यू नही है लेकिन बुक्स के चक्कर में आप अपने माइंड को नींद से जागने नही दे रहे. कोशिश के बिना ज्ञान नही मिलती, इसलिए कर्तव्य पर ध्यान केन्द्रित करे. 

पढाई को हद से ज्यादा सीरियस न ले

अगर आपको ये नहीं पता की स्टडी कैसे करे तो आपको एक बात का ध्यान रखना होगा की पढाई को हमेशा अपनी लाइफ से ज्यादा महत्व न दे.

क्या आपको पता है इंडिया में 22% स्टूडेंट्स स्टडी के प्रेशर में आकर सुसाइड करते हैं और ज्यादातर केसेस में यही देखा गया है की 12 से 18 साल की आज के स्टूडेंट्स ज्यादा सुसाइड कर लेते हैं.

इसमें ज्यादातर रोल पेरेंट्स का होता है क्योंकी पेरेंट्स ये नहीं सोचते कि जब बच्चा बड़ा होता है तो उसके भी कुछ सपने होते हैं. 

लेकिन कुछ परिवार भी ऐसे हैं जहां पर सिर्फ पेरेंट्स का दबाव ही चलता है जिससे बच्चों के मानसिक संतुलन खोने का खतरा बढ़ जाता है. 

कभी भी अगर आपके मार्क्स कम या आप फेल हो, तो हारे नही बल्कि हमेशा अपने आप को एक चांस दे और दुबारा से तैयारी करे.

दोस्तों के साथ टाइम स्पेंड करें

पढाई में मन लगाने के नुस्खे में सबसे कॉमन बात यह भी है की आप अपने फ्रेंड्स के लिए टाइम निकालें.

इससे आपके माइंड में स्ट्रेस वेव्स काम आएंगी और आपका माइंड फ्रेश रहेगा. जो बच्चे सिर्फ पढ़ने में लगे रहते हैं उनका नेचर चिडचिर्रा हो जाता है.

वो कभी भी दूसरों की हेल्प नहीं करते और सिर्फ अपने मतलब के लिए सब काम करते हैं. लेकिन जब आप अपने दोस्तों के साथ टाइम स्पेंड करोगे, तो आपके अंदर लोगों के सामने बोलने की हिम्मत आएगी और आप हर बात को बड़ी आसानी से बोल पाओगे.

जब आपका माइंड फ्रेश रहेगा, तो आप खुश रहेंगे और जब आप खुश रहेंगे तो पढाई में अच्छा मन लगेगा.

रट्टा लगाना छोड़ दे 

कुछ स्टूडेंट्स रट्टे लगाने में बहुत एक्सपर्ट होते हैं और रट्टा लगाकर वो बहुत अच्छे मार्क्स भी ले लेते हैं लेकिन जॉब लेने के समय वे  सब कुछ भूल जाते है और जिसके कारण अच्छे जॉब्स से बंचित रह जाते है. 

अगर आप एक कॉलेज स्टूडेंट हैं तो कभी भी रट्टा लगाकर न पढ़े. कोशिश करें जो सब्जेक्ट आप पढ़ रहें हैं उसको समझे.

रट्टा लगाना पढ़ना बिलकुल वैसा ही है जैसे एक प्यासा पानी पानी पुकारते रहे लेकिन पानी के लिए उठे न जिससे उसकी प्यास कभी खत्म नही होगी.

अगर आप ज़िंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं तो आज से ही रट्टे लगाना छोड़ दे और हर सब्जेक्ट को समझने की कोसिस करें.

हमेशा टाइम टेबल का प्रयोग करे 

टाइम टेबल एक बहुत की पॉवरफुल तरीका है अपने टाइम को बर्बाद होने से बचने का और अपने आप को डिसिप्लिन में रखने का.

जब भी आपको लगे की आप टाइम का बर्बाद कर रहें है उसी समय आप एक अच्छा सा टाइम टेबल बना लें जिससे आपको स्टडी करने के लिए टाइम मिल जाए

टाइम टेबल स्टडी के लिए बहुत हेल्पफुल है और स्टडी टाइम टेबल से ही आप एक्साम्स के समय अपने आप को तैयार कर सकते हैं

पढाई के लिए टाइम टेबल बनाने का सही समय सुबह या रात का होता है जब आप प्रत्येक काम से फ्री हो, तो उस टाइम कहीं अलग रूम में बैठकर सही से टाइम टेबल बना ले.

सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करे 

स्टडी टिप्स में सबसे ज्यादा इफेक्टिव टिप्स यही है की आप सुबह जल्दी उठकर स्टडी करें और हो सके तो रात को 3 से 4 घंटे स्टडी कर ले.

पढाई का सही समय कोई भी हो सकता है जरुरी नहीं कि सुबह का टाइम ही ज्यादा सही है आप रात के टाइम भी स्टडी कर सकक्ते हैं.

बस स्टडी के लिए आप हमेशा तैयार रहें और प्रयास करे कही अकेला रूम में बैठकर स्टडी करे जिससे आपका मन पढ़ाई में जल्दी लगना शुरू हो जायेगा.

एग्जाम के टाइम नेगेटिव विचार दूर रहे

कुछ स्टूडेंट्स का माइंड यही सोचने में लगा रहता है कि क्या उनको पासिंग मार्क्स मिलेंगे? क्या जो उन्होंने पढ़ा है वोही एग्जाम में आएगा?

और भी उलटे सीधे ख्याल स्टूडेंट के मन में आते है जिससे उसके अन्दर नेगेटिव विचार लेना शुरु कर देते हैं.

इसका सारा प्रभाव आपके माइंड और बॉडी पर पड़ता है अगर आप ये ही सोचकर खाना नहीं खाएँगें कि क्या आपका पढ़ा एग्जाम में आएगा या नहीं. 

इसलिए जितना हो सके नेगेटिव विचार को अपने माइंड में जन्म न लेने दे और हमेशा पॉजिटिव थिंकिंग रखें.

ऑनलाइन नॉलेज का इस्तेमाल करे 

आज दुनिया में 67% लोग ऑनलाइन काम करते हैं जिनमे से 58% स्टूडेंट्स होते हैं मतलब सिर्फ 9% दुसरे ऐज के होते हैं.

इसलिए आप भी अपने सब्जेक्ट की जानकारी के लिए ऑनलाइन सर्च करे और स्टडी टिप्स नुस्खे को पढ़ सकते हैं.

ऑनलाइन की दुनियां बहुत ही बढ़ी है और आप हर चीज़ का ज्ञान ऑनलाइन गूगल से ले सकते हैं, अपनी प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने के लिए आप Quora जैसे फोरम वेबसाइट का यूज़ कर सकते हैं.

घर के टेंशन से दूर रहे

कुछ स्टूडेंट्स को अपने घर और फैमिलीज़ में होने वाली झगडा का बहुत बुरा असर पड़ता है और स्टडी में कभी भी फोकस नहीं कर पाते.

अगर आप भी उन्हीं स्टूडेंट्स में से एक है तो आज से ही घर की टेंशन को छोड़ दे तबतक जब तक आप एक काबिल इंसान नहीं बन जाते.

उसके बाद आप अपने घर की टेंशन को अपने माइंड और स्टडी से ख़तम कर पाएंगे. जब कभी भी घर में कुछ प्रॉब्लम हो अपने किसी क्लोज फ्रेंड्स में जरूर शेयर करें जिनपर आप भरोसा करते हो.

पेरेंट्स को भी ध्यान देना चाहिए की जब तक आप अपने बच्चो के सामने घर की झगड़ा करेंगे तो बच्चो पर भी बहुत ही बुरा असर पड़ेगा.

मुझे उम्मीद है कि आपको स्टडी टिप्स बहुत अच्छे से समझ आ गए होंगे आपको स्टडी के लिए कुछ भी डिफरेंट करने की जरूरत नहीं और न ही किसी भगवान की पूजा करनी होगी.

बस इन स्टडी टिप्स का ध्यान रखे और अपने नेचर को सही रखने की कोशीश करे,  अब कुछ टिप्स पेरेंट्स के लिए बच्चो को लेकर जान लेते हैं.

बच्चो को लेकर पेरेंट्स की जिम्मेदारी

  • डेली स्कूल डायरी चेक करे
  • बच्चो को डिसिप्लिन में जीने का ज्ञान दे
  • स्टडी को लेकर बच्चो को मत रुलाये
  • बच्चो की लाइफ से सम्बंधित किसी भी डिसिशन को लेने से पहले एक बार उनकी राय जरूर ले. 
  • बच्चों को आज से ही अपनी प्रॉपर्टी समझना बंद कर दे

Rule 1: अगर आपके बच्चे छोटे हैं तो आप डेली उनकी स्कूल डायरी चेक करे और जो भी वर्क स्कूल से मिलता है उनको पूरा करने में उनकी हेल्प करे.

कुछ पेरेंट्स शिक्षित होते हैं जिसके कारण वह अपने बच्चो की टूशन रख देते हैं, अगर आपके बच्चे की उम्र 6 से कम है तो उनको कभी भी टूशन न दिलवाये.

Rule 2: हमारा दुर्भाग्य ही  है कि हम आज तक डिसिप्लिन के मीनिंग की समझ नहीं पाए, टाइम पर उठना, काम करना और सभी की रेस्पेक्ट करना, उनके अच्छे फ्यूचर को लेकर उनको मारना.

यह सब एक टाइम पर आपके बच्चो को  मानसिक रूप से बीमार कर देगा और हमे पता भी नहीं चलता कब हमारे बच्चे हमारी हर बात को इग्नोर करके गलत काम करने लग जाते हैं.

अपने बच्चे को रेस्पॉन्सिबिल्टी का ज्ञान से न कि उनको एक जेल में बंद करें. डिसिप्लिन हमेशा इंडिपेंडेंट सोच से जीने का रास्ता देता है न कि उनको सोच को ताला लगा देना डिसिप्लिन है.

Rule 3: कुछ पेरेंट्स अपने बच्चों को बहुत मारते हैं क्योंकि वो स्टडी में फोकस नहीं कर पाते और पेरेंट्स को लगता है की उनका बच्चा जानबूजकर स्टडी नही करता है.

लेकिन कभी अपने ये ख़्याल किया है कि अपने बच्चे का फोकस स्टडी में क्यों नहीं लगता उसको क्या दिक्कत आई है.

अपने बच्चों को मारने की बजाए उनकी प्रॉब्लम्स को जाने और उनको हल करने की कोशीश करे न कि उनको अपनी प्रॉपर्टी समझकर मारना सुरु कर दे.

Rule 4: आज 70% पेरेंट्स ऐसे है जो अपने बच्चो की लाइफ के निर्णय वह खुद लेते हैं क्योंकि बच्चे उनकी प्रॉपर्टी होते हैं और उनको कुछ फर्क नहीं पड़ता कि उनके बच्चे क्या उनके इन निर्णय को खुशी से मान लेंगे.

बच्चो की लाइफ का कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पहले उनसे एक उनके विचार जरूर जान ले और जो बच्चे जबरदस्ती अपने पेरेंट्स की बात मानकर कुछ करते हैं वो एक जिंदा लाश बनकर रह जाते हैं.

Rule 5: अगर आपको भी यह लगता है की आपके बच्चे आपकी प्रॉपर्टी है तो आपके बच्चों की ज़िन्दगी ख़राब होने से भगवान भी नहीं रोक सकता.

विदेशों में जब एक बच्चा 18 वर्ष के ऐज में अता है तो उसके घर वाले उसको एक अलग घर लेकर उसको वही भेज देते हैं और उसको समझा देते हैं कि आज से यह घर को संभालना उसकी जिम्मेदारी है.

और उसके पेरेंट्स इस काम के बाद कभी भी उसकी लाइफ में इंटरफेर नही करते है. वह कहाँ काम कर रहा है, क्यों कर रहा है, उसकी कितनी फ्रेंड्स है और कितने Gf उनको कुछ फर्क नहीं पड़ता है. 

क्योंकी उनके पेरेंट्स ने भी वैसे ही अपनी लाइफ जी होती है और अपने बच्चो को भी अपनी लाइफ के लिए निर्णय खुद लेने के लिए तैयार करते है. 

निष्कर्ष

यह सब स्टडी टिप्स के अनमोल तरीके थे उन स्टूडेंट्स के लिए जो पढ़ाई में मन लगाने के नुस्खे जानना चाहते थे.

अगर आपको हमारी यह पोस्ट अच्छी लगी हो, तो अपने पेरेंट्स और फ्रेंड्स से जरुर शेयर करें.

One thought on “प्रभावशाली पढ़ाई का टिप्स | Study Tips in Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *