बिना रुके अंग्रेजी बोलना कैसे सीखे | How to Speak English in Hindi

English kaise sikhe

अंग्रेजी बोलना कैसे सीखे, यह एक विश्व स्तरीय भाषा है जिसे सीखना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि यह व्यक्तिगत कार्य एवं कार्यालयों के लिए महत्वपूर्ण है. अंग्रेजी की जानकारी के बिना बेहतर शिक्षा,  बेहतर नौकरी, बेहतर  व्यक्तित्व आदि का कल्पना करना थोड़ा मुश्किल अवश्य है लिकेन जीवन तो जलती ही है पर जीवन को निखारने के लिए अंग्रेजी सीखना महत्वपूर्ण है.

आधुनिक दुनिया में अंग्रेजी का प्रचलन बहुत अधिक बढ़ गया है जिससे प्रत्येक कार्य के लिए मशीन यानी कंप्यूटर का मदद लिया जाता है जिसमें अंग्रेजी की प्रमुखता अधिक होती है.  अपने व्यक्तित्व एवं कार्यशैली को अत्यधिक निखारने के लिए अंग्रेजी बोलना सीखना या अंग्रेजी का ज्ञान होना अति आवश्यक है.

क्या बिना क्लास ज्वाइन किए हुए अंग्रेजी बोलना सीख सकते हैं? हां, प्रैक्टिस और कुछ टिप्स अपनाकर अंग्रेजी बोलना सीखना सरल अवश्य बनाया जा सकता है जो आपको अंग्रेजी में पारंगत बना सकता है. अंग्रेजी सीखना बहुत सरल है, अगर मन में सीखने की तीब्र इच्छा, उद्देश्य और मेहनत करने की हौसला प्राप्त हो. 

अभ्यास के मदद से धाराप्रवाह अंग्रेजी कुछ महीने में ही बोलना सीख सकते हैं बशर्ते नीचे दिए गए टिप्स और ट्रिक्स का निर्वाह करना होगा.

अंग्रेजी सीखने के तीन शर्ते हैं,  यदि आप इसका निर्माण इमानदारी पूर्वक करते हैं तो मेरा मानना है जी आप भविष्य में अंग्रेजी के महान जानकार सिद्ध होंगे.

  1.  सबसे पहले सीखने का संकल्प करना
  2.  उस संकल्प को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयत्न करना
  3.  उस प्रयत्न को तब तक जारी रखना जब तक कि आप अपने लक्ष्य तक भली-भांति पहुंच नहीं जाते

मुझे पूरा विश्वास है कि अंग्रेजी बोलना कैसे सीखे की तीनों शर्तों को मानने की अवस्थाओं में से गुजरने के लिए अब पूरी तरह तैयार हैं.

वास्तव में अंग्रेजी बोलना कैसे सीखे | English Speaking Tips in Hindi

English bolna kaise sikhe

अंग्रेजी बोलना सीखना एक कला है और यह कला प्रत्येक मनुष्य मे होता है, सीखने की दिशाएं भिन्न हो सकती है लेकिन उद्देश्य सिर्फ सीखना ही होता है.  अंग्रेजी सीखने के प्रमुख चार स्तंभ होते हैं जिससे होकर गुजरना अत्यंत आवश्यक होता है.  यह ऐसे स्तंभ है जिसके बिना अंग्रेजी सीखने की कल्पना नहीं की जा सकती है इसलिए  प्रत्येक इंग्लिश प्रेमी को इसका अनुसरण करना महत्वपूर्ण होता है.

  1. Listening Skill
  2. Understanding Skill
  3. Speaking Skill
  4. Writing Skill

सुनने, समझने, बोलने और लिखने का हुनर, एक अच्छा श्रोता, समझदार, प्रवक्ता और लेखक बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं, अर्थात पहले ध्यान पूर्वक सुने, उसे समझे, फिर बोलने का प्रयास करें और अंततः उसे लिखें.

यह ऐसी प्रक्रिया है जिसमें आप कभी भी असफल नहीं हो सकते है.  आपका प्रयास जितना अधिक होगा,  लक्ष उतना ही आसान होता चला जाएगा.  इसलिए अपने प्रयास का भरोसा करें और ट्रिक्स का निर्वाह करें.

व्याकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित न करें

ग्रामर पर विशेष ध्यान ना दे,  क्योंकि ग्रामर वाक्यांशों को लिखने में हुई अशुद्धियों को सही करने का नियम प्रदान करता है लेकिन बोलते समय नहीं.  यदि आप बोलने से पहले वाक्यों को व्याकरण के अनुसार व्यवस्थित करेंगे तो इसमें  समय ज्यादा निकल जाएगा जिससे आप सामने वाले से बात नहीं कर पाएंगे. 

सामने वाले बिना ग्रामर पर जोर डाले हुए निरंतर बोलते चले जाते हैं, उनका उद्देश्य केवल अपनी बातें बतानी होती है व्याकरण का ज्ञान नहीं.  इसलिए अशुद्धियों से घबराएं नहीं निरंतर बोलने का प्रयास करें अशुद्धियां समय अनुसार कम होती चली जाएगी.

  • ग्रामर लिखना और पढ़ना सिखाता है लेकिन बोलना नही
  • वाक्य बनाने में अधिक समय लेता है
  • सेंटेंस को सुद्ध करने में समय लग जाता है जिससे अंग्रेजी बोलने की स्पीड कम हो जाती है.
  • इसलिए अंग्रेजी बोलते समय ग्रामर नही बल्कि प्रैक्टिस पर ध्यान केन्द्रित करे

अंग्रेजी सुनने में ध्यान केंद्रित करें

अंग्रेजी भाषा बोलने के लिए सुनना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि सुनने से शब्द आसानी से याद हो जाते हैं जिससे शब्द प्रनाउस करते समय आपको परेशानी नहीं होती है. यह ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मस्तिष्क निरंतर कार्य करते रहता है ताकि सुने हुए  शब्द को पुनः स्मरण करा सकें.

सुनते समय शब्द को बोलने या याद करने का प्रयास ना करें, ऐसा करने से ना तो शब्द याद होगा और ना ही कुछ समझ में आएगा इसलिए केवल सुनने पर ध्यान केंद्रित करें.

सुनने की प्रक्रिया तब तक जारी रखे, जब तक यह समझ ना आए कि कौन से शब्द कहां, व्याकरण कब और बोलने की स्थिति क्या है.

यह प्रक्रिया आपको बोलते समय स्मरण दिलाएगा उच्चारण की स्थिति क्या है, कैसी है Or क्या करना है आदि.

  • सिखने का प्रथम चरण ध्यान से सुनना होता है.
  • सुनने की प्रक्रिया धैर्यपूर्वक करे
  • बाद में उन्हें स्मरण करने की प्रयास करे
  • ऐसी प्रक्रिया आपके व्यक्तिव में निखार एवं अंग्रेजी कौशल में बढ़ावा प्रदान करेगा.

अंग्रेजी सिखने के लिए छोटे वाक्य बोलने का प्रयास करें

सर्वप्रथम छोटे वाक्यांशों के साथ अंग्रेजी बोलने का प्रयास करें, जवाब देते समय छोटे और सरल वाक्य का प्रयोग करें.  छोटे वाक्यों पर पकड़ मजबूत होने के बाद खुद-ब-खुद बड़े और छोटे सेंटेंस बनाने आरंभ हो जाएंगे इसलिए आरंभ में ध्यान रहे कि छोटे वाक्य का ही प्रयोग करें.

अधिकांशतः छोटे वाक्यों के प्रयोग से आत्मविश्वास बढ़ता है जिससे अंग्रेजी बोलने में घबराहट नहीं होती है.  आत्मविश्वास जैसे जैसे बढ़ते जाता है वैसे वैसे वाक्यों पर पकड़ मजबूत एवं बोलने की शैली में वृद्धि होती है.

  • छोटे वाक्य बोलने से गलती होने की संभावना कम होती है.
  • साथ ही आत्मविश्वास में वृद्धि होती है.
  • अंग्रजी के प्रति आत्मसम्मान बढ़ता है.
  • धीरे-धीरे आप स्वम् बड़े वाक्य बनाने लगेंगे

वाक्य के अनुवाद से बचे 

अंग्रेजी  बोलना शुरू करने से पहले वाक्य को हिंदी से इंग्लिश में अनुवाद करने की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं जिससे वाक्य अंग्रेजी में अनुवाद करने में परेशानी होती है और बोलना कठिन हो जाता है.  इसलिए अनुवाद करने से बचे.  मन में जो भी विचार उत्पन्न हो उसे छोटे-छोटे वाक्यों में सामने वाले से बोले. 

यह सुनिश्चित करने की प्रयास ना करें कि जो आप बोल रहे हैं वह बिल्कुल सही है.  केवल बोलने पर अपना ध्यान रखें.  क्योंकि अगर गलती नहीं होगी तो बोलना आप नहीं सीखेंगे. 

कई बार जो बोलना चाहते हैं उसका अनुवाद करने में परेशानी होती है जिसे अब का मनोबल कम हो जाता है और आप बोलने में असहज महसूस करने लगते हैं. अंग्रेजी के विशेषज्ञ के अनुसार अनुवाद करने का कार्य बिल्कुल ना करें. 

  • अंग्रेजी बोलने के क्रम में वाक्यों का अनुवाद न करे
  • शुरू में अपना आकलन बिलकुल न करे कि कैसा बोलते है
  • अनुवाद करने की प्रक्रिया अंग्रेजी बोलने में बाधा उत्पन्न कर सकती है
  • केवल अंग्रेजी बोलने और बोलने पर ही ध्यान दे

समय सुनिश्चित करें

अंग्रेजी बोलने और पढ़ने के लिए एक समय निर्धारित कीजिए जिसमें चार भिन्न समय व्यवस्थित हो. सुबह, दोपहर, शाम और रात्रि अंग्रेजी बोलने के लिए सबसे बेहतर समय माना जाता है. 

अलग-अलग समय के लिए  15 मिनट का समय निर्धारित की है जिसमें बिना रुके निर्धारित समय तक अंग्रेजी बोलना है.  आवश्यक नहीं कि लंबे वाकय ही बोला जाए.  इस अवधि के अंतर्गत छोटे वाक्यांशों में बोलने का प्रयास करें.

अंग्रेजी में ही सोचे

अंग्रेजी बोलना कभी-कभी इतना कठिन हो जाता है कि आपके मस्तिष्क में कोई शब्द ही नहीं होता कि बोले क्या.  ऐसे परेशानी से बचने के लिए हमेशा प्रयास करें कि आप अंग्रेजी में ही सोचें.  ऐसे करने से आपके पास शब्दों की कमी नहीं होगा जिससे आप अंग्रेजी बोलना कैसे सीखे में निरंतर सफल होंगे.

सोचने की प्रक्रिया बोलने से पहले होती है इसलिए कुछ भी बोलने से पहले उसे अंग्रेजी में ही सोचे और पुनः बोलें. स्मरण शक्ति मजबूत होने के साथ-साथ बोलने की शैली में भी सुधार होता है. 

  • अंग्रेजी में सोचना आपको महान वक्ता बना सकता है.
  • अपना सोच भाषा के अनुरूप ही रखे

सबटाइटिल वाली अंग्रेजी फिल्में देखे 

अंग्रेजी सीखने और बोलने के लिए सबटाइटल वाली अंग्रेजी फिल्में  सबसे बेहतर मानी जाती है. चलचित्र के अनुसार शब्दों को सजाया गया होता है जिसे समझना आसान होता है.  अंग्रेजी के शिक्षक हमेशा ऐसी फिल्में देखने के लिए प्रेरित करते हैं जो सबटाइटल के साथ अंग्रेजी में हो.

कहा जाता है कि बच्चे हाव-भाव देख कर भाषा जल्द सीखते है उसी तरह आपको भी देखकर स्थितिया समझनी होती है, ताकि वाक्यांशों को भलीभांति समझ सके. 

विडियो या मूवी देखने से स्थिति का आभाष होता है और इससे वाक्य पर ध्यान केन्द्रित होता है जिसे भाषा समझने और सिखने में आसानी होती है. प्रयास करे निश्चित अवधि में सबटाइटल वाले इंग्लिश मूवी और विडियो ही देखे.

  • सबटाइटिल वाली अंग्रेजी फिल्में देखने से Observe करने की क्षमता बढ़ जाती है.
  • ध्यान केन्द्रित करने में परेशानी नही होती है
  • वाक्य के पल सरलता से याद रहते है
  • सबटाइटिल मीनिंग के साथ याद रहता है जिन्हें दोहराना सरल होता है
  • विडियो के हाव-भाव से इंग्लिश वर्ड समझना बिल्कुल असान होता है.

मुहावरे और Greeting Sentences याद करे 

वैसे शब्द और वाक्य को याद करने का प्रयाप्त प्रयास करे जो छोटे-छोटे वाक्य में सम्पूर्ण अर्थ प्रदान करते है, Ex: Wow!, Wonderful, What a pleasure surprise!, etc. इस तरह के वाक्यांशों से अंग्रेजी में आत्मविश्वास बढ़ता है जिससे बोलने में हिचकिचाहट नही होती है. 

बाते शुरू करने से पहले आपके पास शब्द होने चाहिए जिसके बारे आप बात करने वाले है. Greeting Sentences शब्द प्रदान करते है जो अंग्रेजी भाषा के प्रमुख आधार है इसलिए सुनिश्चित करे की आपके पास प्रयाप्त सेंटेंस हो ताकि आपको अनुवाद करने की आवश्यकता न पड़े. 

मुहावरे भी ठीक इसी प्रकार मदद करते है, बातें दिलचस्प बनाने के लिए इसका प्रयोग वार्तालाप के मध्य में किया जा सकता है. 

अंग्रजी अख़बार या कहानी पढ़े 

इंग्लिश अखबार पढ़ने का आदत एक बेहतर अंग्रजी का जानकर बना सकता है. Words पर पकड़ और Words प्रनाउस के लिए अंग्रेजी पढ़ना अति आवश्यक है. अख़बार या कहानी पढ़ने से शब्द याद रहते है इसलिए बोलते समय उचारण में परेशानी नही होती है. 

कम से कम एक घंटा अंग्रेजी पढ़ने का समय सुनिश्चित करे और बुलंद आवाज में पढ़े, जिससे शब्द साफ और क्लियर सामने वाले तक पहुँच पाएगा. इसलिए बेहतर इंग्लिश प्रवक्ता बनाने के लिए अंग्रेजी अख़बार और कहानी पढ़ना अनिवार्य है. 

आईने के सामने अभ्यास करे

कहा जाता है दुनियां में आईना सबसे आच्छा मित्र होता है क्योंकि यह आपके अन्दर क्या है यह भलीभांति जनता है पर किसी से बताता नही है. इसलिए बिना किसी परेशानी के इसके सामने बोलने का प्रयास करे.

संभवतः एक प्रयास प्रयाप्त नही है लेकिन बार बार प्रयास करने से सफल होने की संभावनाएं बढ़ जाती है. इसलिए एक दिन में चार बार आईने के सामने खुद को सफल करने के लिए हर संभव प्रयास करे. मेरा मानना है प्रयास कभी विफल नही होता, अगर बार बार अभ्यास करने का हौसला मौजूद हो.

  • आईने के सामने अंग्रेजी बोलने का प्रयास अवश्य करे
  • यह सबसे कारगर तरीका है जिससे आपके हिचक मिटने की संभावना बढ़ जाती है
  • 2-5 मिनट प्रत्येक दिन आईने के सामने बोले एवं देखे
  • अंग्रेजी में ही खुद से जवाब सवाल करे जैसे, तुम कौन हो? आई ऍम, यू आर, आदि.
  • गलतियों पर ध्यान न दे
  • वक्त के साथ सुधार हो जाता है लेकिन आप प्रयास करना न छोड़े.

अंतिम निष्कर्ष

अंग्रेजी बोलना कैसे सीखे एक महत्वपूर्ण एवं कठिन प्रश्न वश्य है पर असंभव नही है. ऊपर बताए गए सभी ट्रिक सिद्ध किया हुआ है. अगर आप शर्त एवं नियम के अनुसार अपने आपको अभ्यास करने को तैयार करते है, तो अंग्रेजी बोलना कैसे सीखे का क्रम महज कुछ ही दिनों में आरम्भ हो जाएगा. 

बिना किसी डर के केवल प्रयास पर अपना ध्यान केन्द्रित करे. आप भलीभांति जानते है कि सलाह मानना आपकी इच्छा है पर उसे पूर्ण करना आपका कर्तव्य है. एक बात स्मरण रहे कर्तव्यो से जो भागता है, परेशानियाँ उसे कभी नही छोड़ती है. इसलिए उससे पीछा न छुड़ाएं बल्कि उसका सामना करे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *