चक्रवृद्धि ब्याज फार्मूला: फार्मूला, ट्रिक, ब्याज टेबल और उदहारण

चक्रवृद्धि ब्याज गणित में सबसे अधिक प्रयोग की जाने वाली चैप्टर है. क्लास 5th से लेकर प्रतियोगिता एग्जाम की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स तक को पढ़ाया जाता है. क्योंकि चक्रवृद्धि ब्याज फार्मूला की तैयारी व्यक्तिगत जीवन और एग्जाम दोनों में कारगर सिद्ध होता है. जानकारी के लिए बता दें, कि ये एसएससी, बैंक, रेलवे, आदि परीक्षाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक होता है.

साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज का प्रयोग सरलता से सिखने के लिए इसके फार्मूला का अध्ययन करना अतिआवश्यक है. क्योंकि फार्मूला ही समय के अलग-अलग भाग को परिभाषित करते है. Compound Interest formula in Hindi के माध्यम से फार्मूला, ट्रिक्स और उदाहरण यहाँ उपलब्ध कराया गया है.

चक्रवृद्धि ब्याज क्या है | Compound Interest Formula in Hindi

जब किसी समय पर अभी तक संचित किए हुए ब्याज को मूलधन में मिलाकर, मिश्रधन पर ब्याज की गणना की जाती है, तो उसे चक्रवृद्धि ब्याज हैं. जिस निश्चित समय अंतराल के बाद ब्याज की गणना करके उसे मूलधन में जोड़ा जाता है, तो उसे चक्रवृद्धि ब्याज कहा जाता हैं.

दुसरें शब्दों में, चक्रवृद्धि ब्याज किसे कहते है?

जब किसी व्यक्ति या बैंक से ली गई धनराशि का ब्याज समय पर न देकर उसे मूल धनराशि में जोड़ दिया जाता है और फिर उस धनराशि पर ब्याज लगाया जाता है, उसे चक्रवृद्धि ब्याज कहते है.

Note:-

1. किसी व्यक्ति या बैंक ऋण लेने वाला त्रणदाता या साहूकार कहलाता हैं.

2. ऋण लिया गया धन मूलधन कहलाता है.

3. जिस अवधि तक ऋण लिया जाता है, वह समय कहलाता है.

4. मूलधन और ब्याज के सम्मिलित रूप को मिश्रधन कहा जाता है.

5. किसी धन पर जिस दर से ब्याज लिया जाता है, उसे ब्याज दर कहा जाता है.

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चक्रवृद्धि ब्याज फार्मूला | Compound Interest formula in Hindi

ब्याज सम्बंधित प्रशों को हल करने के लिए निम्न फार्मूला का प्रयोग किया जाता है.

Compound Interest ( CI ) = A – P

जहाँ:-

  • P = मूलधन ( Principal)
  • r = ब्याज की वार्षिक दर ( Rate of Interest)
  • n = एक वर्ष में कुल ब्याज-चक्रों की संख्या
  • t = कुल समय (Time)
  • A = t समय बाद मिश्रधन (Amount)
  • CI = चक्रवृद्धि ब्याज ( Compound Interest )

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Note:- ऊपर अंकित फार्मूला का प्रयोग मूलधन, समय, दर,आदि के उपस्थिति में किया जाता है.

चक्रवृद्धि ब्याज के निम्न शर्तें

  • वार्षिक
  • छमाही
  • तिमाही

वार्षिक: ब्याज वार्षिक संयोजित कर मूलधन में जोड़ा जाता है.

छमाही: ब्याज छमाही संयोजित कर मूलधन में जोड़ा जाता है.

तिमाही: ब्याज तिमाही संयोजित कर मूलधन में जोड़ा जाता है.

ध्यान रहे:-

  • जब ब्याज छमाही संयोजित होता है, तो r = R / 2 , n = 2T
  • ब्याज जब तिमाही संयोजित होता है, तो r = R / 4 , n = 4T

Compound Interest के महत्वपूर्ण फार्मूला

1. चक्रवृद्धि ब्याज = (1 + R / 100 ) T – मूलधन

2. चक्रवृद्धि ब्याज = मूलधन (1 + दर / 100)T – 1]

3. चक्रवृद्धि ब्याज = मिश्रधन – मूलधन

4. मूलधन = साधारण ब्याज × 100 / समय × ब्याज की दर

5. मिश्रधन = मूलधन + साधरण ब्याज

6. समय = साधरण ब्याज × 100 / मूलधन × ब्याज की दर

7. ब्याज की दर = साधरण ब्याज × 100 / मूलधन × समय

सम्बंधित महत्वपूर्ण सूत्र,

चक्रवृद्धि ब्याज का सूत्र विभिन्न रूप में

चक्रवृद्धि ब्याज = (1 + दर / 100 )^समय – मूलधन

चक्रवृद्धि ब्याज = मूलधन [(1 + दर / 100)^समय – 1]

चक्रवृद्धि ब्याज = मिश्रधन – मूलधन

मिश्रधन = मूलधन × (1 दर / 100)^समय

मिश्रधन = मूलधन + ब्याज

Note: chakravarti byaj ka formula को निम्न प्रकार याद रख सकते है.

ब्याजसूत्र
मूलधनP = A  I
मूलधनP = (I ×  100) / R ×  T
मिश्रधनA = P + I
मिश्रधनA = P × (100 + R)
समयT = (I × 100) / (P × R)
ब्याज की दरR = (I × 100) / (P × T)

जहाँ:

  • I = Interest (ब्याज)
  • P = Principal (मूलधन)
  • R = Rate of Interest ( ब्याज दर)
  • CI = चक्रवृद्धि ब्याज ( Compound Interest )

चक्रवृद्धि ब्याज ट्रिक्स

Compound Interest Formula in Hindi के माध्यम से 2 वर्षों और 3 वर्षों के चक्रवृद्धि ब्याज का मान निचे टेबल में दिया गया है जिसे देख सरलता से याद भी कर सकते है.

चक्रवृद्धि ब्याजदो वर्षतीन वर्ष
5%10.25%15.76%
8%16.64%25.97%
10%21%33.10%
12%25.44%40.49%
15%32.25%52.09%
20%44%72.80%
25%56.25%95.31%

महत्वपूर्ण तथ्य

साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज दोनों परस्पर कार्य करते है. वास्तिविकता यह है कि जब कभी ब्याज को मूलधन में जोड़कर उसका भी ब्याज लिया जाता है. उसे Compound Interest formula in Hindi के माध्यम से हल किया जाता है. ब्याज यानि लेन-देन की श्रेणी में चक्रवृद्धि ब्याज फार्मूला का सर्वाधिक प्रयोग किया जाता है.खासकर प्रतियोगिता परीक्षा के प्रशों को हल करने तथा व्यक्तिगत कार्य को पूरा करने भी उपयोग होता है.

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