IAS कैसे बने, योग्यता, सैलरी, एग्जाम आदि की सम्पूर्ण जानकरी

IAS Kiase Bane

आईएस का पद देश का सबसे उच्च माने जाने वाले पदों में से एक है. प्रत्येक वर्ष देश के लाखों विद्यार्थी IAS ऑफिसर बनाने के लिए फॉर्म भरते है और एग्जाम देते है एवं आईएस ऑफिस बनने का अनुभव प्राप्त करते है. हालांकि उनमें से कुछ ही को IAS बनने का सौभाग्य मिलता है, लेकिन जिनका सिलेक्शन नही होता, वह निराश नही होते है. वे पुनः जानकारी इकट्ठा करते है और एग्जाम देते है. 

करियर को नई उचाई प्रदान करने के लिए जीवन में हमेशा एक ठोस कदम उठाने की आवश्यकता होती है और उस कदम को एक सही दिशा-निर्देश के साथ अपने मंज़िल तक पहुँचाना होता है. उसी प्रक्रिया को हमारे देश में सफलता कहा जाता है. 

एक सफल आईएस ऑफिसर बनने के लिए सटीक रणनीति, उचित जानकारी एवं पर्याप्त व्यवस्था के साथ अध्ययन करने की आवश्यकता होती है और जो इस पड़ाव को सफलतापूर्वक पार करने में सफल होते है उसे देश की सबसे समान्नित पद यानि IAS ऑफिसर के पद से सम्मानित किया जाता है. 

उम्मीदवारों के इच्छा अनुरूप IAS कैसे बने के संदर्भ में संपूर्ण जानकारी यहाँ उपलब्ध कराया जा रहा है जो आपके शैक्षणिक योग्यता, अनुशासन, व्यवस्था, धैर्य एवं समझ में पर्याप्त वृद्धि करने में अहम भागीदारी व्यवस्थित करेगा.  

आईएस क्या है ( IAS ki Jankari)

भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन, प्रतिष्ठित एवं गौरवान्वित परीक्षाओं में से एक है. इस एग्जाम का उदेश्य देश को ऐसे उम्मीदवार प्रदान करना होता है जो अपने प्रशासनिक क्षेत्र को विकशित एवं विकाशील बनाए.

आईएस एग्जाम की सभी प्रक्रिया संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित एवं निर्धारित किया जाता है. UPSC भारत की एक प्रमुख केंद्रीय संस्थान है जो उच्च लेवल के सभी Competitive एग्जाम की संचालन करती है.  

यह संस्था सीविल परीक्षा IAS, IPS, IFS, NDA, CDS जैसी लगभग 24 पदों के लिए परीक्षा का संचालन एवं निर्धारण करती है. जो भी उम्मीदवार सिविल सर्विस की परीक्षा में सबसे उच्च रैंक से सम्मानित होता है उसे देश की आईएस ऑफिसर बनने का सौभाग्य प्रदान किया जाता है. 

हालांकि यह प्रक्रिया उतना सरल नही है मगर असंभव भी नही है. UPSC इस एग्जाम को सरल बनाने के लिए निर्धारित समयानुसार अपने ऑफिसियल वेबसाइट पर इसकी जानकारी अपडेट करती रहती है. ताकि उम्मीदवार को आईएस से संबधित सभी जानकारी प्रदान किया जा सके. IAS कैसे बने की पोस्ट में बने रहे, इससे सम्बन्धित उपयुक्त जानकरी निचे उपलब्ध है.

आईएस का फुल फॉर्म | IAS Full Form in Hindi

भारत के सबसे कठिन एग्जाम यानि IAS का फुल फॉर्म इस डिग्री का विशेषता प्रदर्शित करता है कि वास्तव में इसका अस्तित्व का मूल्य इस देश में क्या है. IAS को अंग्रेजी में Indian Administrative Service तथा हिंदी में भारतीय प्रशासनिक सेवा कहा जाता है. इसके पूर्ण नाम में ही भारत का गौरव पूर्ण पद का रहस्य छिपा रहता है.

  • आईएस का अंग्रेजी में फुल फॉर्म = Indian Administrative Service
  • हिंदी में = भारतीय प्रशासनिक सेवा

IAS के लिए योग्यता | Required Qualification

आईएस की तैयारी करना अपने आप में ही एक कठिन चुनौती है, इस दृष्टिकोण से इसकी योग्यता कुछ अहम् होता है. इसकी विशेषता देख UPSC ने योग्यता का रूपरेखा तैयार किया, जो दुसरें से भिन्न होता है. 

शैक्षणिक योग्यता

UPSC के मुताबिक, IAS की परीक्षा केवल भारतीय नागरिकों के लिए खुली रहती है. अन्य देश से सम्बन्ध रखने वालों के लिए टर्म्स और कंडीशन यानि योग्यता भिन्न होती है.  

उम्मीदवारों को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम स्नातक की डिग्री होना आवश्यक होता है. भारतीय विश्वविद्यालयों के संघ द्वारा मान्यता प्राप्त केंद्रीय, राज्य, या विदेशी विश्वविद्यालय एवं पत्राचार शिक्षा या भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त योग्यता वाले उम्मीदवार को ही योग्य समझा जाता हैं.

UPSC स्नातक के अंतिम वर्ष के छात्रों को भी परीक्षा के पहले चरण में आवेदन करने के लिए अवसर प्रदान करती है ताकि विद्यार्थी अपनी पढ़ाई ग्रेजुएशन के तुरंत बाद शुरू कर सके. 

  • किसी भी विषय से 12वी पास होना चाहिए 
  • ग्रेजुएशन अनिवार्य 
  • क्रिएटिव  माइंड

आईएस बनने के लिए उम्र सीमा | Age Limit

आईएस परीक्षा में आवेदन एवं भाग लेने के लिए न्यूतम आयु सीमा 21 वर्ष एवं अधिकतम आयु सीमा 32 वर्ष UPSC द्वारा निर्धारित किया गया है. हालांकि OBC, ST आदि जैसे वर्गों में आयु सीमा में विशेष छुट दिया जाता है जो इस प्रकार है. 

  • General Category –21 से 32 वर्ष तक
  • OBC – 21 से 35 वर्ष तक
  • SC/ST –21 से  37 वर्ष तक
  • शारीरिक विकलांग –21 से  42 वर्ष तक

IAS परीक्षा में प्रयोसों का सीमा 

  • सामान्य वर्ग के उम्मीदवार– 21 से 32 वर्ष तक 6 बार आईएस की एग्जाम दे सकते है.
  • OBC – 21 से 35 वर्ष तक 9 बार 
  • SC/ST – 21 से  37 वर्ष तक असीमित बार एग्जाम दे सकते है. 
  • शारीरिक विकलांग –21 से  42 वर्ष तक 9 बार 

UPSC एग्जाम पैटर्न 

ग्रेजुएशन के बाद UPSC का आवेदन करना होता है IAS, IPS आदि जैसे परीक्षा देने के लिए सबसे पहले UPSC की परीक्षा में उतीर्ण होगा अनिवार्य होता है. UPSC की परीक्षा मुख्यतः तिन चरणों में संपूर्ण कराई जाती है. पहला एग्जाम, प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Examination), दूसरा मुख्य परीक्षा (Main Examination), एवं तीसरा साक्षात्कार (Interview) होता है. 

  1. प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Examination)
  2. मुख्य परीक्षा (Main Examination)
  3. साक्षात्कार (Interview)

1. प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary)

इस परीक्षा में दो प्रश्न पत्र निहित होते है एवं  प्रथम पेपर में  200 अंक  तथा द्वितीय पेपर में भी 200 अंक के परीक्षा सिविल सेवा द्वारा संपन्न कराई जाती है और प्रत्येक पेपर की अवधि 2 घंटा होती है. इस परीक्षा में सफल उम्मीदवार को Main परीक्षा में स्थानांतरित किया जाता है. 

यह एग्जाम जनरल एबिलिटी टेस्ट और सिविल सर्विस एप्टीटुड टेस्ट पर आधारित होता है जिसमे उम्मीदवार के बुद्धिमता की जाँच होता है. 

2. मुख्य परीक्षा (Main Examination)

यह सिविल सेवा परीक्षा का दूसरा चरण यानि मुख्य परीक्षा (Main Exam) होता है जिसमे कुछ 9 पेपर शामिल होते है. प्राम्भिक परीक्षा के 2 से 3 तिन महीने के बाद इस एग्जाम का आयोजन किया जाता है. इस एग्जाम में अलग-अलग शब्द सीमा वाले वर्णात्मक प्रश्न जैसे ऑब्जेक्टिव और सब्जेक्टिव प्रश्न शामिल होते है.

Main exam में सामान्य अध्ययन के वैकल्पिक विषय पर विशेष बल दिया जाता है. साथ ही निबंध लेखन, अग्रेजी भाषा एवं अन्य भारतीय भाषा सामिल होती है. 

3. साक्षात्कार (Interview)

प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में सफल  विद्यार्थियों को  साक्षात्कार यानि Interview प्रक्रिया के लिए बुलाया जाता है जिसमे विद्यार्थी की व्यत्क्तिव, मानसिक क्षमता एवं तर्क शक्ति का आकलन किया जाता है. Interview सफल होने पर उम्मीदवारों की अंतिम सूचि तैयार होती है और रैंक के अधार पर अलग-अलग पद दिया जाता है. 

Interview की कोई विशेष टॉपिक नही होती है. यहाँ सिर्फ वैसे प्रश्न पूछे जाते है जिससे आपके मानसिक एवं शैक्षणिक शैली का अंदाजा सरलता से लगाया जा सके. 

अधिक जानकरी के लिए UPSC के ऑफिसियल वेबसाइट पर जाए.

IAS ऑफिसर की सैलरी

यह देश के सबसे विशेष एवं सम्मानित पदों में से एक है. इसलिए इसका दायरा एवं कार्य दोनो अधिक होते है. इस पद पर अविश्वसनीय शक्ति का अनुभव प्राप्त होता है जो वास्तव में निहित है.  इस पद के ऊपर केवल मंत्रिमंडल का ही परामर्श स्वीकार करने की अनुमति होती है.

अगर IAS ऑफिसर की सैलरी की बात करे तो 7 वें वेतन आयोग के बाद, एक जूनियर आईएएस अधिकारी  की प्रति माह सैलरी 70,000 के अलावा हाउस रेंट या यात्रा जैसे अतिरिक्त भत्ते फ्री होती है.

एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, जैसे कि एक कैबिनेट सचिव, हर महीने लगभग 2.5 से 4.5 लाख तक की सैलरी प्रतिमाह पाने का योग्य होता है. 

IAS कैसे बने के लिए आवश्यक टिप्स 

आईएस एग्जाम टॉप होता है लेकिन बनना उतना मुश्किल नही होता है जितना आप दुसरों के द्वारा सुनते है या विज्ञापन में पढ़ते है. भारतीयों के लिए कोई भी कार्य असंभव नही होता है क्योंकि भारत का इतिहास ही ऐसा रहा है. अगर आपको भारत के विद्वानों का खोज का स्मरण हो तो आप समझ सकते है. 

मुजबुत इरादे, कड़ी मेहनत एवं स्मार्ट स्टडी के साथ आईएस का एग्जाम पास करना एकदम सरल हो जाता है. हालांकि इतना सरल तो कुछ भी नही होता है उसके लिए हमें ढृढ़ इच्छाशक्ति से मेहनत करनी  होती है तब सफलता हाथ लगती है. 

लेकिन यहाँ परिस्थियाँ, एग्जाम लेवल, कम्पटीशन आदि अलग-अलग है जिसे पार करने के लिए कड़ी मेहनत का सहारा लेना पड़ता है उसके बाद IAS कैसे बने की संभावना बढ़ जाती है. 

IAS कैसे बने की सम्पूर्ण जानकारी इकठ्ठा करे और उसके अनुसार अपने स्टडी स्टाइल को स्मार्ट स्टडी में परिवर्तन करे. उम्मीद करता हूँ यह जानकारी आपके लिए उपयुक्त साबित होगी.


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