चतुर्भुज का क्षेत्रफल, फार्मूला एवं महत्वपूर्ण तथ्य| Chaturbhuj ka Kshetrafal

Chaturbhuj ka Kshetrafal

हम सभी पहले ही क्षेत्रफल शब्द से परिचित हैं. लेकिन स्मरण के लिए बता दें कि Chaturbhuj ka Kshetrafal को एक समतल वस्तु या आकृति की सीमा के अंदर व्याप्त क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया जाता है. जिसे मुख्य रूप से वर्ग इकाइयों में मापा जाता है.

चतुर्भुज के क्षेत्रफल में मानक इकाई हमेशा वर्ग मीटर, वर्ग मिली मीटर, आदि में होती है. इसमें कुछ महत्वपूर्ण गुण भी होते है जो क्षेत्रफल ज्ञात करते समय हमेशा ध्यान में रखा जाता है. प्रतियोगिता एग्जाम के दृष्टिकोण से यह सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक है.

एसएससी, बैंक, रेलवे, Upsc आदि जैसे एग्जाम में इससे प्रश्न पूछे जाते है. इसलिए, शिक्षकगण इस टॉपिक पर विशेष ध्यान देते है.

चतुर्भज क्या है | Chaturbhuj ka Paribhasha

वैसा बंद आकृति जो चार रेखाखण्डों से घिरी हो, उसे चतुर्भुज कहते है. एक चतुर्भुज मे 4 भुजाएँ, 4 शीर्ष, 4 कोण एवं 2 विकर्ण होते हैं. और चारों आंतरिक कोण का योग 360 डिग्री के बराबर होता है.

क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए चतुर्भुज के विषय में सामान्य जानकारी होना अनिवार्य है. इसलिए, उसके कुछ महत्वपूर्ण तथ्य यहाँ शामिल किया गया है.

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चतुर्भुज के कुछ महत्वपूर्ण गुण

  • चतुर्भुज भिन्न-भिन्न लम्बाई एवं भिन्न-भिन्न कोणों का एक आकृति है.
  • इस चतुर्भुज में चारों कोणों का योग 360 डिग्री यानि 2π रेडियन के बराबर होता है.
  • चतुर्भुज वर्ग, समनांतर, समलम्ब आदि होता है.
  • भिन्न-भिन्न चतुर्भुज में भुजाएँ एवं कोण अलग-अलग होते है.
  • विकर्ण विपरीत या सम्मुख शीर्षों को एक दुसरें से जोड़ते है.

चतुर्भुज का क्षेत्रफल | Area Of Quadrilateral in Hindi | Chaturbhuj ka Formula

इस क्षेत्रफल का प्रयोग विभिन्न प्रकार के प्रशों को हल करने के लिए होता है. इसमें समान्तर, वर्ग, आयत, चक्रीय, आदि चतुर्भुज शामिल होते है. अर्थात चतुर्भुज के क्षेत्रफल में इन सभी चतुर्भुजों के क्षेत्रफलों का अध्ययन किया जाएगा.

चतुर्भुज का क्षेत्रफल = ½ × d (H + h)

जहाँ d चतुर्भुज का विकर्ण, H और h लम्ब है.

समनान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल

सामान्य रूप से, समांतर चतुर्भुज में विपरीत भुजाएँ एक दूसरे के समानांतर और समान होते हैं. जिसमें आंतरिक विपरीत कोण भी एक दुसरे से बराबर होते है.

समनांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = आधार × ऊचाई

दुसरा सूत्र = a b sin A = b a sin B

जहाँ a और b भुजाएँ तथा A और B कोण है.

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आयत का क्षेत्रफल

सामान्यतः वह चतुर्भुज जिसमे दो भुजाएं समान लंबाई एवं समान चौड़ाई के हो, साथ ही साथ उसमे चार समकोण भी हो. उसका क्षेत्रफल आयत का प्रयोग कर निकाला जाता है.

आयत का क्षेत्रफल = लम्बाई × चौड़ाई

परिमाप = 2 ( a + b ) अर्थात, 2 ( लम्बाई + चौड़ाई )

आयत का विकर्ण = ( लम्बाई + चौड़ाई )

वर्ग का क्षेत्रफल

वैसी आकृति जिसमें सभी भुजाएँ एक दुसरें से बराबर हो तथा प्रत्येक कोण 90 डिग्री के हो एवं चारों भुजाओं का योग 360 हो, उसका क्षेत्रफल वर्ग के फार्मूला के माध्यम से ज्ञात किया जाता है.

क्षेत्रफल = भुजा × भुजा

विकर्ण = (भुजा)2

परिमाप = 4 × भुजा

विषमकोण समचतुर्भुज का क्षेत्रफल

वह ज्यामितीय आकृति जिसकी चारों भुजाओं एक दुसरे से समान हो, लेकिन कोण समकोण न हो. उसका क्षेत्र ज्ञात करने के लिए समचतुर्भुज का क्षेत्रफल के फार्मूला प्रयोग करते है.

क्षेत्रफल, A = (d1 × d2)/2 वर्ग इकाई Or

A =आधार × शीर्षलम्ब

परिमाप, P = 4 × a

समचतुर्भुज की एक भुजा = ½ √ ( d12 + d22)

समलम्ब चतुर्भुज का क्षेत्रफल

जिस चतुर्भुज की सम्मुख भुजाओं का केवल एक युग्म समान्तर हो, वह समलम्ब चतुर्भुज के अंतर्गत आता है. और क्षेत्रफल निम्न फार्मूला का प्रयोग से निकाला जाता है.

समलम्ब चतुर्भुज का क्षेत्रफल , A = h × ( a + b ) / 2

अर्थात, ½ × ऊँचाई ( समान्तर भुजाओं का योग )

परिमाप = चारों भुजाओं का योग

चक्रीय चतुर्भुज का क्षेत्रफल

चक्रीय चतुर्भुज वह चतुर्भुज है जिसमे चारों शीर्ष वृत्त की परिधि पर स्थिर होते हैं. तथा भुजाएँ वृत्त के अन्दर होती हैं और उनके शीर्ष वृत्त कि परिमाप को छू रहे होते हैं. इस चतुर्भुज का फार्मूला निम्न प्रकार है.

क्षेत्रफल = √[s(s-a) (s-b) (s – c) (s – c)]

परिमाप, S = ½ ( a + b + c + d )

जहाँ a, b ,c और d चक्रीय चतुर्भुज के भुजा है.

चतुर्भुज के क्षेत्रफल से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य | Chaturbhuj ka Kshetrafal Ka Facts

1. वर्ग की प्रत्येक भुजा k गुनी कर दिया जाए, तो

  • परिमाप k गुना हो जाएगा तथा
  • क्षेत्रफल k2 गुना हो जाएगा.

2. यदि वर्ग की प्रत्येक भुजा में x % की वृद्धि की जाए, तो क्षेत्रफल x ( 2 + x / 100 ) % की वृद्धि होगी.

3. यदि वर्ग की प्रत्येक भुजा में x % की कमी की जाए और परिमाप में x % की वृद्धि की जाए, तो क्षेत्रफल समान रखने के लिए उसकी अन्य भुजा में प्रतिशत कमी = ( x / 100 + x ) × 100

4. यदि किसी आयत की लम्बाई और चौड़ाई में से किसी एक को x % से बढ़ा दिया जाए, तो क्षेत्रफल समान रखने के लिए उसकी अन्य भुजा में प्रतिशत कमी = ( x / 100 + x ) × 100

5. यदि किसी आयत की लम्बाई और चौड़ाई में से किसी एक को x % से घटा दिया जाए, तो क्षेत्रफल समान रखने के लिए उसकी अन्य भुजा में प्रतिशत वृद्धि = ( x / 100 – x ) × 100

6. यदि a भुजा के एक वर्गाकार

  • मैदान के चारो ओर x चौड़ा रास्ता हो, तो रास्ते का क्षेत्रफल = 4 x ( a + x )
  • मैदान के भीतर x चौड़ा रास्ता हो, तो रास्ता का क्षेत्रफल = 4 x ( a – x )

7. एक आयताकार पार्क की लम्बाई l और चौड़ाई b है. इसके चारों ओर x चौड़ाई का एक रास्ता है. रास्तें का क्षेत्रफल = 2 x ( l + b + 2x )

8. r त्रिज्या वाले वृताकार पार्क के

  • चारों ओर x मीटर चौड़ा रास्ता का क्षेत्रफल = πx ( 2 r + x )
  • पार्क के भीतर रास्ता का क्षेत्रफल = πx ( 2 r – x )

9. यदि किसी आयत की लम्बाई तथा चौड़ाई को क्रमशः x % तथा y % से बढ़ा दिया जाए, तो आयत के क्षेत्रफल में प्रतिशत वृद्धि = ( (x + y) + xy / 100

10. यदि किसी आयत की लम्बाई तथा चौड़ाई को क्रमशः x % तथा y % से घटा दिया जाए, तो आयत के क्षेत्रफल में प्रतिशत कमी = ( (x + y) – xy / 100

यहाँ Chaturbhuj ka Kshetrafal से सम्बंधित सभी आवश्यक फार्मूला दिया गया है, उम्मीद है आपको अवश्य पसंद आएगा.


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