गोले का आयतन, परिभाषा, सूत्र, उदाहरण और गुणधर्म

Gole ka Aayatan: class 6 से प्रतियोगिता एग्जाम तक गोले के आयतन से सम्बंधित प्रश्न विशेष रूप से पूछे जाते है. क्वेश्चन को सरलता से हल करने के लिए फार्मूला के साथ उसके गुणधर्म की जानकारी आवश्यक है. क्योंकि, इससे भी Objective Question दिए जाते है. गोले का आयतन सबसे महत्वपूर्ण फार्मूला है जो सभी वर्ग के लिए आवश्यक है.

गोला दरअसल एक ज्यामितीय आकृति है, जिसके सभी बिन्दुओं का समूह त्रि-आयामी क्षेत्र में एक दिए गए केंद्र से समान त्रिज्या पर होता है. एक गोले का आयतन निर्धारित करने के लिए इसका निश्चित सूत्र लगाना होता है.

गोले के आयतन से सम्बंधित सम्पूर्ण विवरण यहाँ उपलब्ध कराया गया है जिसकी आवश्यकता एग्जाम में हो सकती है. हमारा उदेश्य Gola Formula के माध्यम से एग्जाम में आनेवाले सभी Questions को हल कराना है ताकि आप एग्जाम में बेहतर प्रदर्शन कर सके.

दरअसल, Gole ka Aayatan भी ज्यामिति के उन सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक में से एक है, जिससे सरकारी परीक्षाओं जैसे स्टेट बोर्ड एग्जाम, रेलवे, एसएससी, UPSC, बैंक, SSC GD आदि में पूछे जाते हैं. आमतौर पर, पूछे जाने वाले प्रश्न मूल अवधारणाओं और सूत्रों से संबंधित होते हैं, जो फार्मूला से जल्द हल हो जाते है.

गोले का आयतन का परिभाषा | Definition of Sphere’s Volume

एक गोला दरअसल, एक ऐसा ज्यामितीय त्रि-आयामी अथवा त्रिविमीय (3-D) संरचना या आकृति है. जिसे किसी दिए गए बिंदु (केंद्र) से समान दूरी (त्रिज्या) पर स्थित सभी बिंदुओं के समूह के रूप में चित्रित किया जा सकता है.

यह अर्थात, गोला पूरी तरह सममित होता है और इसमें कोई किनारे या कोने नहीं होते हैं. गोले में बहुत सारे गुणधर्म एवं तथ्य उपलब्ध है जिसके बारे में निचे विस्तार से वर्णन किया गया है.

लेकिन उससे पहले गोले का त्रिज्या, व्यास, और इससे सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्यों को समझना आवश्यक है. जैसे निचे दिया गया है.

गोले का केंद्र, व्यास व त्रिज्या

केंद्र (Center):- वैसा निश्चित बिंदु या नियत बिंदु जिससे किसी त्रि-आयामी गोले का निर्माण होता है, वह नियत बिंदु गोले का केंद्र कहलाता है. जिसे हमेशा O से सूचित किया जाता है.

गोले का व्यास (Diameter of Sphere):- किसी गोले के सतह पर स्थित वह बिंदु, जिससे एक बिंदु से दुसरे बिंदु पर जाने वाली रेखाखंड की लम्बाई, जो केंद्र बिंदु से होकर गुजरती है. उसे गोले का व्यास कहा जाता है.

त्रिज्या :- किसी गोले की केंद्र से उसकी सतह के बीच के रेखाखंड की लम्बाई को गोले की त्रिज्या कहते हैं.

ऊपर अंकित सभी बिंदु Gole ka Aayatan सम्बन्धी Questions को हल करने में सहायता करते है. इसलिए, इन तथ्यों का ध्यान अवश्य रखे.

त्रिभुज का क्षेत्रफलबहुभुज की फार्मूला
छिन्नक का आयतनशंकु का आयतन
बहुलक फार्मूलाबेलन का क्षेत्रफल

गोले का आयतन : Gole ka Aayatan Formula

सामान्यतः Gole ka Aayatan को दो प्रकार से परिभाषित कर सकते है. ठोस गोला तथा खोखला गोला. इन दोनों गोला का आयतन एक दुसरें से भिन्न होता है. महान गणितज्ञ के Statement के अनुसार इसे निम्न प्रकार ज्ञात कर सकते है.

ग्रीक दार्शनिक आर्किमिडीज ने गोले के आयतन का सूत्र खोजा था. जिसमे उन्होंने सिद्ध किया था कि Gole ka Aayatan, उसे परिबद्ध करने वाले बेलन के आयतन का दो-तिहाई होता है, जो ऐसा सबसे छोटा बेलन हो जिसमें गोले को रखा जा सकता हो.

अर्थात, एक गोलाकार वस्तु को एक खोखले बेलन के अंदर रखा जाता है, जहाँ गोलाकार वस्तु की त्रिज्या बेलन के वृत्ताकार आधारों की त्रिज्या के बराबर होती है. और गोले का व्यास बेलन की ऊंचाई के बराबर होती है.

Image: Source

गोले का आयतन= बेलन के आयतन का 2/3 भाग

अर्थात आयतन = 2/3 (πr2h)

जहाँ r त्रिज्या और h बेलन की ऊंचाई है

हम जानते हैं कि बेलन की ऊंचाई = गोले का व्यास

गोले का आयतन = 2/3 (πr2.2r)

अर्थात, व्यास= 2 × त्रिज्या

अंततः गोले का आयतन = 4/3(πr3)

गोले का आयतन का फार्मूला = 4/3 π R3

लेकिन जब गोले का व्यास दिया हो, तो उस स्थिति में गोले का आयतन का सूत्र:

गोले का आयत का सूत्र = (1/6) π D3 ; जहाँ D गोले का व्यास है.

खोखले गोला का आयतन = 4/3 π(R3 – r3 )

जहाँ r आन्तरिक त्रिज्या और R गोले का बाह्य त्रिज्या है.

लेकिन जब खोखले गोले का आतंरिक तथा बाह्य व्यास क्रमशः d तथा D दिया हो, तो

खोखले गोले का आयतन = (1/6) π (D3 – d3)

गोला में सबसे बड़े घन का आयतन = 8√3/a × R3

घन ने सबसे बड़े गोले का आयतन = 1/6 a3

जहाँ a घन की भुजा तथा r गोले की त्रिज्या है.

गोले का आयतन सम्बंधित गुणधर्म | Properties of Sphere’s Volume

किसी गोले की आयतन सम्बंधित गुणधर्म निम्न प्रकार होती है.

  • गोले में कोई भी किनारा तथा कोना नहीं होता है.
  • यह केवल और केवल गोल होता है.
  • गोले के आयतन को V = ⁴⁄₃πr³ के रूप में परिभाषित किया जाता है.
  • यह एक बहुतल आकृति नहीं होता है
  • गोले के सतह के सभी बिंदु सदैव सामान व स्थित होते हैं.
  • एक गोला प्रत्येक दिशा में समरूप तथा सममित होता है.
  • किसी गोले में केवल एक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल होता है.
  • आर्कमिडीज सिद्धांत के अनुसार गोले का आयतन परिभाषित होता है.

गोले का आयतन सम्बंधित उदाहारण

Q. किसी गोले की त्रिज्या 3 cm हो, तो गोले का आयतन ज्ञात करे?

हल: दिया है, गोले त्रिज्या = 3 cm

इसलिए, गोले का आयतन फार्मूला से = 4/3(πr3)

=> 4/3( 3.1 × 33)

गोले का आयतन = 113.04 cm3

Q. 3 cm और 6cm वाले खोखले गोले का आयतन ज्ञात कीजिए?

हल: दिया है, बड़े गोले की त्रिज्या = 6cm तथा छोटे गोला का त्रिज्या = 3 cm.

इसलिए, खोखले गोले का आयतन फार्मूला से = 4/3 π(R3 – r3 )

=> 4/3 × 3.14(63 – 33 )

=> 4/3 × 3.14(189 )

खोखले गोले का आयतन = 791.28

गणित का महत्वपूर्ण फार्मूला

बेलन का आयतनघन का आयतन
आयत का विशेष क्षेत्रफलसमानान्तर श्रेढ़ी फार्मूला
घनाभ का आयतननिर्देशांक ज्यामिति फार्मूला एवं परिभाषा

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