त्रिभुज का क्षेत्रफल, फार्मूला एवं महत्वपूर्ण गुण | Tribhuj ka kshetrafal

Tribhuj ka kshetrafal

सामान्य तौर पर, गणित में “क्षेत्रफल” शब्द को एक समतल वस्तु या एक आकृति की सीमा के अंदर स्थित क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया जाता है. Tribhuj ka kshetrafal का प्रयोग त्रिभुज की लम्बाई, चौड़ाई एवं ऊँचाई ज्ञात करने के लिए किया जाता है. इसका मापन वर्ग इकाइयों में होता है जिसमें मानक इकाई वर्ग मीटर, वर्ग सेन्तिमिटर, मिली मीटर आदि होते है.

क्षेत्रफल की गणना के लिए, वर्गों, आयतों, वृत्त, त्रिभुज आदि के लिए पूर्व-निर्धारित विशेष सूत्र हैं, जो इन्हें ज्ञात करने में मदद करते है. त्रिभुज के क्षेत्रफल का महत्व प्रतियोगता एवं बोर्ड एग्जाम में अधिक है. क्लास दस में इसी से केवल 20 % तक के प्रश्न पूछे जाते है. इसलिए, आवश्यक त्रिभुज के क्षेत्रफल का फार्मूला का अध्ययन यहाँ किया जाएगा.

त्रिभुज का क्षेत्रफल का परिभाषा | Tribhuj ka kshetrafal Ka Definition

सामान्यतः त्रिभुज एक द्वि-आयामी बहुभुज है जिसमें 3 भुजाएँ, 3 शीर्ष और 3 कोण होते हैं. त्रिभुज के क्षेत्रफल को कुल क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया गया है जो किसी भी त्रिभुज के तीन भुजाओं से घिरा हुआ तल होता है. मुख्य रूप से, यह आधार और ऊंचाई के आधे हिस्से के बराबर होता है, अर्थात, 1/2 आधार × ऊँचाई. यह त्रिभुज के अंदर व्याप्त विशेष क्षेत्र है.

क्षेत्रफल के आधार पर त्रिभुज के प्रकार | Tribhuj ke Prakar

त्रिभुज के प्रकार क्षेत्रफल के आधार पर मुख्यतः चार प्रकार के होते है. ये वैसे त्रिभुज है जिनका परिमाप और क्षेत्रफल ज्ञात किया जा सकता है. इसलिए, विशेषज्ञों ने इसे एक विशेष केटेगरी के अंतर्गत रखा है, जो इस प्रकार है.

  • समबाहु त्रिभुज
  • समद्विबाहु त्रिभुज
  • विषमबाहु त्रिभुज
  • समकोण त्रिभुज

अवश्य पढ़े,

वर्ग का महत्वपूर्ण क्षेत्रफलआयत का परिमाप
आयत का क्षेत्रफलसमानान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल
समलम्ब चतुर्भुज का क्षेत्रफलसम चतुर्भुज का क्षेत्रफल

त्रिभुज का क्षेत्रफल का सूत्र | Area of Triangle in Hindi | Tribhuj Formula

परिभाषा के अनुसार त्रिभुज के क्षेत्रफल का अर्थ है, एक त्रिभुज के भुजाओं द्वारा घिरा हुआ क्षेत्र, क्षेत्रफल होता है. इसकी गणना विभिन्न फार्मूला का प्रयोग कर निकला जा सकता है, जो इससे सम्बन्ध रखते है. जैसे,

किसी भी Tribhuj ka kshetrafal उसके आधार और संगत ऊँचाई के गुणनफल के आधे के बराबर होता है. अर्थात,

क्षेत्रफल = 1/2 (आधार × ऊँचाई) अर्थात, A = ½ × b × h

जहाँ, b और h त्रिभुज का आधार और ऊंचाई हैं.

त्रिभुज का आधार = ( 2 × क्षेत्रफल ) / लम्ब

त्रिभुज का लम्ब = ( 2 × क्षेत्रफल ) / आधार

समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल

मुख्यतः समबाहु त्रिभुज एक ऐसा त्रिभुज है जहाँ सभी भुजाएँ एक दुसरें समान होती हैं तथा कोण भी समरूप होते है. त्रिभुज के शीर्ष से आधार तक खींचा गया लंब, आधार को दो समान भागों में विभाजित करता है.

समबाहु त्रिभुज के क्षेत्रफल की गणना करने के लिए, इसके भुजाओं को फार्मूला के अनुसार मापा जाता है. जो समबाहु त्रिभुज के प्रशों को हल करने में मदद करता है.

समबाहु त्रिभुजा का क्षेत्रफल = (√3)/4 × भुजा2

समबाहु त्रिभुज का शीर्षलम्ब = (√3)/4 × भुजा

परिमाप = 3 × भुजा

समद्विबाहु त्रिभुज का क्षेताफल

यदि किसी त्रिभुज के कोई दो भुजाएं आपस में समान हो तथा समान भुजाओं के सामने के कोण भी समान हो, तो समद्विबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल निम्न फार्मूला का प्रयोग निकाला जाता है.

समद्विबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल, A = a / 4 b √ (4b² – a²)

इस फार्मूला से भी समद्विबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल निकाला जाता है.  A = ½ × b × h अर्थात, A = ½ × आधार × ऊँचाई

जहाँ दो समान लम्बाई वाली भुजाएँ b हैं तथा आधार की भुजा a है.

समद्विबाहु त्रिभुज का शीर्षलम्ब = a / 4 b √ (4b² – a²)

परिमाप,  P = 2a + b

अवश्य पढ़े, चतुर्भुज के सभी फार्मूला

विषमबहु त्रिभुज का क्षेत्रफल

सामान्यतः विषमबाहु त्रिभुज एक ऐसा त्रिभुज है जिसमें तीनों भुजाएँ अलग-अलग लंबाई एवं माप की होती हैं, तथा तीनों कोण भी अलग-अलग हैं. विषमबहु त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए हिरोन का क्षेत्रफल का प्रयोग किया जाता है. जो इस प्रकार है.

विषमबहु त्रिभुज का क्षेत्रफल, A =√ [ s(s – a)(s – b)(s – c) ]

अर्धपरिधि P = ½ ( a + b + c )

और A = ½ × b × h अर्थात, A = ½ × आधार × ऊँचाई

जहाँ, जहाँ a, b, और c त्रिभुज की भुजाएँ है तथा S त्रिभुज की अर्धपरिमाप है.

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समकोण त्रिभुज का क्षेत्रफल

पाईथागोरस प्रमेय के अनुसार, समकोण त्रिभुज वह त्रिभुज है जिसमें 3 भुजाएँ 90 डिग्री कोण के साथ स्थिर होती है. समकोण त्रिभुज में भुजाओं को आधार, कर्ण और ऊँचाई से सूचित किया जाता है. समकोण त्रिभुज का क्षेत्रफल पाईथागोरस प्रमेय के मदद से ज्ञात किया जाता है.

समकोण त्रिभुज का क्षेत्रफल,  A = ½ × आधार × ऊँचाई

समकोण समद्विबाहु त्रिभुज का परिमाप = (2 + √2) × भुजा

समकोण समद्विबाहु त्रिभुज का कर्ण = (√2) × भुजा

समकोण समद्विबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल = ½ × भुजा2

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त्रिभुज के क्षेत्रफल से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य | Tribhuj ka kshetrafal ka Facts

1. एक ही आधार पर बने त्रिभुजों के क्षेत्रफल यदि समान हो, तो ऊँचाई भी समान होगा.

2. किसी त्रिभुज की प्रत्येक भुजा को K गुणा कर दिया जाए, तो उसका

  • परिमाप K गुणित जो जाता है.
  • क्षेत्रफल K2 गुणित हो जाता है.

3. समबाहु त्रिभुज की प्रत्येक भुजा में x % की वृद्धि की जाए, तो

  • क्षेत्रफल में 2x + (x2 / 100) % की वृद्धि होती है.
  • परिमाप में x % की वृद्धि होती है.
  • ऊँचाई में भी x % की वृद्धि होगी.

अवश्य पढ़े, अधिककोण का परिभाषा एवं गुणधर्म त्रिभुज

4. समबाहु त्रिभुज की प्रत्येक भुजा x % की कमी की जाए, तो

  • क्षेत्रफल में 2x – (x2 / 100) % की वृद्धि होती है.
  • परिमाप में x % की कमी होती है.
  • ऊँचाई में भी x % की कमी होगी.

आवश्यकता अनुसार Tribhuj ka kshetrafal का लगभग सभी फार्मूला यहाँ उपलब्ध है जो एग्जाम के प्रश्न हल करने में मदद करते है.


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