1 से 11 तक भाजकता के नियम एवं उदाहरण | Divisibility Rules in Hindi

Divisibility Rules in Hindi

विभाजन प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए Divisibility Rules ( विभाजकता नियमों ) या Divisibility Tests ( विभाज्यता परीक्षणों ) का उल्लेख क्रमबद्ध तरीके से यहाँ किया गया है. यह प्रक्रिया गणितीय गणना को सरल और समृद्ध बनाने में सर्वाधिक सहायक होती है. अर्थात बिना लम्बी प्रक्रिया के भी गणित की अधिकतर गणना भाजकता नियम से कुछ ही लम्हों में किया जा सकता है.

यदि विद्यार्थीगण गणित के भाग के नियमों को सीख लें, तो वे गणितीय समस्याओं को बेहतर तरीके से और कम समय में ही हल कर सकते हैं. कुछ संखाएं जैसे 2, 3, 4, 5, 6 आदि के भाजकता नियम आसानी से समझा जा सकता है. लेकिन कुछ ऐसे संख्याएँ है जैसे 7, 11, के भाजकता नियम थोड़े जटिल होते हैं और इन्हें गहराई से समझने की आवश्यकता होती है.

कभी-कभी लंबी गणना के बिना गणित की समस्याओं को तेजी से और सरलता से हल करने के लिए ट्रिक्स और टिप्स तकनीकों की आवश्यकता महसूस की जाती है, जो परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने में भी मदद करती है. गणितीय गणना के लिए ऐसे तकनीक हमेशा से ही प्राथमिक जरुरत रहे है. उन्ही मापदंडों को ध्यान में रखते हुए विभाजकता नियम यहाँ विस्तार से प्रस्तुत किया गया है. जो आपकी गणितीय शैली को विकशित ही नही बल्कि उजागर भी करेगी.

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भाजकता नियम क्या है | What is Divisibility Rules

गणित में विभाजकता Test या विभाजन नियम यह जांचने और समझने में मदद करता हैं कि विभाजन की वास्तविक (मूल) विधि के बिना कोई संख्या किसी अन्य संख्या से पूर्ण विभाज्य है या नहीं. यदि कोई संख्या किसी अन्य संख्या से पूर्णतः विभाज्य है, तो भागफल एक पूर्ण संख्या और शेषफल शून्य होगा.

हालांकि प्रत्येक संख्या सभी दूसरी संख्या से पूर्णतः विभाज्य नहीं होती है. इसलिए, ऐसी संख्याएँ शून्य के अतिरिक्त शेष बची रहती हैं. लेकिन भिवाजकता नियम के मदद से संख्याओं के अंकों पर विचार करके किसी संख्या के वास्तविक भाजक को निर्धारित किया जा सकता है कि वह पूर्णतः विभाजित है या नही.

यहाँ विभाजता के कुछ विशेष नियम उदाहरण के साथ दिया गया है जो संख्याओं को जांचने में मदद करता है. अतः ध्यान केन्द्रित करे.

1 का भाजकता नियम | Divisibility Rules of 1

प्रत्येक गणितीय संख्या 1 से विभाज्य होती है. इसलिए, 1 का विभाज्यता का कोई भी नियम निर्धारित नही किया गया है. यदि किसी संख्या को 1 से भाग देने पर वह संख्या स्वयं ही आ जाती है जिस संख्या में 1 से भाग दिया जाता है. जैसे:-

  • 2 ÷ 1 = 2
  • 100 ÷ 1 = 100 आदि.

2 का भाजकता नियम | Divisibility Rule of 2

यदि कोई संख्या सम हो, या एक संख्या जिसका अंतिम अंक एक सम संख्या हो, वह 2 से विभाजित होती है. अर्थात, जिस संख्या का इकाई अंक 0, 2, 4, 6, 8 में से कोई हो, तो वह संख्या 2 से विभाज्य होगी. जैसे

  • 102
  • 504
  • 1006
  • 1260

दिए गए उदाहारण में संख्याओं की इकाई अंक 0, 2, 4, 6 है, इसलिए, यह संख्या 2 से विभाज्य है.

3 का भाजकता नियम | Divisibility Rule of 3

जिस संख्या के अंकों का योग 3 से विभाज्य हो, वह संख्या 3 से विभाज्य होती है. जैसे –

  • 123 के अंको का योग = 1 + 2 + 3 = 6 अतः यह 3 से विभाज्य है.
  • 1473 के अंकों का योग = 1 + 4 + 7 + 3 = 15
  • 633 = 6 + 3 + 3 = 12, आदि.

4 का भाजकता नियम | Divisibility Rule of 4

जिस संख्या के अंतिम दो अंक 4 से विभाज्य हो, तो वह संख्या 4 से विभाज्य होता है. जैसे:-

  • 17800 = अंतिम दो अंक 00, 4 से विभाज्य है.
  • 4632 = अंतिम दो अंक 32, 4 से विभाज्य है. अतः दी गई संख्या 4 से विभाज्य होगा.
  • 4828 = अंतिम दो अंक 28, 4 से विभाज्य है.

5 का भाजकता नियम | Divisibility Rule of 5

जिस संख्या के इकाई अंक 0 या 5 हो, तो वह संख्या भी 5 से विभाज्य होगा. जैसे-

  • 80
  • 125
  • 1525
  • 4080

6 का भाजकता नियम | Divisibility Rule of 6

जो संख्या 2 और तीन से विभाज्य होती है वह संख्या 6 से भी भिवाज्य होती है. जैसे:-

  • 24
  • 48
  • 72

दी गई संख्याएँ 24, 48 और 72 में से प्रत्येक संख्या 2 और 3 से विभाज्य है, इसलिए संख्याएँ 6 से भी विभाज्य होंगी.

7 की भाजकता नियम | Divisibility Rule of 7

दो अंको की संख्या के लिए: जिस संख्या के दहाई अंक के तिगुने में इकाई अंक को जोड़ने पर प्राप्त संख्या 7 से विभाज्य हो, तो वह संख्या निश्चित रूप से 7 से विभाज्य होगा. जैसे:-

84 = 8 x 3 + 4 = 28 जो 7 से पूर्णतः विभक्त है. इसलिए, 84 भी 7 से विभाज्य है.

3 या 3 से अधिक अंको की संख्या के लिए: किसी भी संख्या के अंतिम दो अंको को छोड़कर शेष अंकों से बनी संख्या के दुगुने में अंतिम दो अंको से बनी संख्या को जोड़ने पर प्राप्त यदि 7 से विभाज्य है, तो वह संख्या भी 7 से विभाज्य होगा. जैसे:-

112 = 1 x 2 + 12 = 14 जो 7 से विभाज्य है. इसलिए, 112 भी 7 से विभाज्य है.

Note:- किसी भी अंक के 6 बार की पुनरावृति से बनी संख्या हमेशा 7 से विभाज्य होती है. जैसे:-

  • 111111
  • 222222
  • 333333
  • 444444, आदि.

8 का भाजकता नियम | Divisibility Rule of 8

जिस संख्या का का अंतिम तीन अंक शून्य (000) हो या 8 से विभाज्य हो, तो वह संख्या भी 8 से विभाज्य होता है. जैसे:-

  • 142000
  • 84512, आदि.

9 का भाजकता नियम | Divisibility Rule of 9

जिस संख्या के अंकों का योगफल 9 से विभाज्य हो, तो वह संख्या 9 से भी विभाज्य होती है. जैसे:-

108 = 1 + 0 + 8 = 9 यह संख्या 9 से विभाज्य है. अतः 108 भी 9 से विभाज्य होगा.

10 का भाजकता नियम | Divisibility Rule of 10

जिस संख्या का अंतिम अंक शून्य हो, तो वह संख्या 10 से विभाज्य होता है. जैसे:-

  • 100
  • 1000
  • 10000
  • 100000

11 का भाजकता नियम | Divisibility Rules of 11

जिस संख्या के सम और विषम स्थानों के अंकों का योग और अंतर शून्य हो, या 11 से विभाज्य हो, तो वह संख्या निश्चित रूप से 11 से विभाजित होती है. जैसे:-

1331 में सम स्थानों के अंको का योग 3 + 1 = 4
विषम स्थानों के अंको का योग = 1 + 3 = 4
अतः अंतर = 4 – 4 = 0
इसलिए, 1331, 11 से विभाज्य है.

विभाजकता से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य

विभाज्यता के नियम यानि Divisibility Rules के अनुसार किसी प्राकृतिक संख्या को किसी दूसरी संख्या से विभक्त होने की शर्तों की जाँच किया जाता है. यह प्रक्रिया दरअसल लम्बी गणितीय गणना से बचने के लिए इस्तेमाल किए जाते है. प्रतियोगिता एग्जाम में ये मेथड सबसे कारगर होते है क्योंकि यह समय बचाने में सर्वाधिक मदद करते है. इसलिए, इससे सम्बंधित सभी तथ्यों को यहाँ उपलब्ध कराया गया है.

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